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Budaun News: न्यायालय ने नहीं माना क्रॉस केस... इसलिए सुनाई गई सजा

Thu, 28 Aug 2025 01:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 01:39 AM IST
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The court did not accept the cross case... so the sentence was pronounced
बदायूं। दोनों पक्ष की ओर दर्ज कराए मुकदमों को न्यायालय ने क्रॉस केस नहीं माना। इसलिए सजा सुनाई गई। अगर क्रॉस केस साबित हो जाता तो दोनों पक्षों को बरी कर दिया जाता। यह बात न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी में कही है।
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अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि श्यामलाल क्रास केस में उसके विरुद्ध गवाह है तो अभियोजन के साक्षी क्रास केस के संबंध में कौन आक्रामक है। कथन नहीं कह रहे हैं और न ही अभियुक्त समस्त कागज दाखिल कर रहे हैं। इसलिए क्रास केस समझना व उसे मानना दोनों ही पक्षों को स्वीकार नहीं है। यदि दोनों पक्षों द्वारा क्रास केस स्वीकार किया जाता तो एक दूसरे की चोटों का स्पष्टीकरण साक्षियों द्वारा दिया जाता, लेकिन साक्षियों ने तो इस संबंध में कोई कथन ही नहीं किया है। क्रास केस प्रथम सूचना रिपोर्ट की सत्यप्रति दाखिल है, इससे यह साबित हो रहा है कि अभियुक्त आठ अप्रैल 1994 को उसी नखासे पर शाम के पांच बजे ही घटनास्थल पर उपस्थित थे और अभियुक्तों से क्रास केस के अभियुक्तों की मारपीट व लड़ाई भी हुई है। यानि दोनों पक्षों को एक दूसरे की एक ही समय, एक ही स्थान या एक ही उद्देश्य के लिए उपस्थिति स्वीकार हो जाती है। जब दोनों पक्ष के अभियुक्तों की मौके पर उपस्थिति दोनों ही पक्षों को स्वीकृत हो जाती है तो या तो दोनों पक्षों में खुल्लमखुल्ला लड़ाई हुई होगी या कोई एक पक्षकार आक्रामक होगा और दूसरे पक्ष ने अपने बचाव में हमला किया होगा।लेकिन पत्रावली पर संपूर्ण साक्ष्य के अवलोकन के बाद भी किसी भी साक्षी ने यह कथन नहीं किया है कि किस पक्ष ने पहले हमला किया गया। क्रास केस के तथ्यों के बारे में पूछा गया तो उसने पूर्णतया इंकार कर दिया है। यह स्वीकार कर लिया कि क्रास केस में श्याम लाल उसके विरुद्ध गवाह है। प्रति परीक्षा में भी ऐसा कोई विपरीत तथ्य इस साक्षी के साक्ष्य में नहीं आया है, जिससे इसकी मौके पर उपस्थिति झगड़ा होना या घटना का उद्देश्य साबित न होता हो। क्रास केस को स्वीकार नहीं किया गया। यही वजह है कि एक पक्ष के छह तो दूसरे पक्ष के चार लोगों को दस दस साल की सजा के साथ 30-30 हजार रुपये का जुर्माना मंगलवार को लगाया गया।
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