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Budaun News: बार परिसर में खाली पड़ी जमीन की पैमाइश करने पहुंची टीम को अधिवक्ताओं ने किया वापस

Sun, 30 Mar 2025 12:55 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Sun, 30 Mar 2025 12:55 AM IST
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The advocates sent back the team that had come to measure the vacant land in the bar premises
जमीन की पैमाइश को लेकर विरोध करते बार के अ​धिवक्ता। संवाद
बदायूं। बार एसोसिएशन के सामने पड़ी खाली जमीन की पैमाइश करने पहुंची राजस्व टीम के सामने अधिवक्ता आ गए। उन्होंने खुद की जमीन बताते हुए टीम को पैमाइश करने से रोक दिया। विवाद के चलते दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं, अधिवक्ताओं के विरोध के चलते टीम बिना पैमाइश किए ही वापस लौट गई।
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शनिवार दोपहर दोपहर 12 बजे नायब तहसीलदार अपनी टीम के साथ बार एसोसिएशन परिसर पहुंचे। उन्होंने वहां पड़ी खाली जमीन की पैमाइश करनी शुरू की तो बार एसोसिएशन के सचिव अरविंद पारासरी, उपाध्यक्ष कौशलेंद्र शर्मा, अधिवक्ता विवेक रैंडर, रावेंद्र रौंडर, संदीप सिंह, मधुकर शर्मा सहित अन्य लोग मौके पर पहुंच गए।
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उन्होंने जमीन बार की होना दावा करते हुए कार्रवाई को रुकवा दिया। मामले को बढ़ता देख नायब तहसीलदार ने एसडीएम को सूचना दी। इसके बाद सिविल लाइंस, कोतवाली थाने के अलावा पुलिस लाइन से भारी संख्या में पुलिस आ गई। सचिव अरविंद पारासरी ने बताया कि जमीन सिविल बार को दस जनवरी 1918 को राज्यपाल ने लिखित में आवंटित की थी।
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खाली पड़ी पूरी जमीन बार की है। इसके सभी कागज जिला जज व हाईकोर्ट को भी एक प्रति दे दी गई है। बार की जमीन पर अवैध रूप से न तो निर्माण होने दिया जाएगा न ही पैमाइश कराने दी जाएगी। तहसील प्रशासन द्वारा दिखाए गए कागज फर्जी तरीके से तैयार करने का आरोप लगाकर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। समझाने के बाद भी वकील अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद तहसील प्रशासन की टीम वकीलों से जमीन के संबंध में आवंटन का कागज लेकर लौट गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि खाली जगह पर तहसील प्रशासन फैमिली कोर्ट बनाना चाहता है।


पैमाइश कराने को फाइल आई थी। इसके लिए टीम को भेजा गया था। वकीलों ने पैमाइश नहीं होने दी, जमीन जिसकी होगी। वही उस पर निर्माण कर सकेगा। इस पूरे मामले में जांच की जा रही है। पुराना नक्शा व अन्य कागजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मोहित कुमार, एसडीएम सदर
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