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कछला पुल का पहुंच मार्ग फिर धंसा, मिट्टी बहने से बना गहरा गड्ढा
सार
बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े कछला पुल का पहुंच मार्ग एक बार फिर तेज बारिश को नहीं झेल पाया।सूचना मिलते ही नगर पंचायत कछला के ईओ रतन कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों को फोन पर अवगत करा दिया।दोपहर बाद पता चला कि प्राधिकरण के साइट इंजीनियर ने मौका मुआयना कर लिया है।
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कछला पुल के पहुंच मार्ग की मिट्टी बह जाने के बाद गड्ढे के पास तैनात पुलिस कर्मी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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विस्तार
उझानी (बदायूं)। बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े कछला पुल का पहुंच मार्ग एक बार फिर तेज बारिश को नहीं झेल पाया। पिछले महीने मरम्मत के बाद बुधवार रात तेज बारिश से मिट्टी के साथ पत्थर की टुकड़ी भी बह गई। पुल के बराबर गहरा गड्ढा हो जाने की भनक अफसरों को लगी तो उन्होंने कछला चौकी के दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अफसरों को भी मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया है।
हाईवे पर कछला पुल के पास कासगंज जिले की छोर वाले पहुंच मार्ग पर पिछली बार 24 अगस्त को मिट्टी धंस जाने से करीब 15 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। अगले दिन एनएचएआई के अफसरों ने मरम्मत शुरू करा दी थी। बृहस्पतिवार सुबह गंगाघाट के दुकानदार पहुंच मार्ग के पास से होकर गुजरे तो उन्हें फिर गहरा गड्ढा दिखा। सूचना मिलते ही नगर पंचायत कछला के ईओ रतन कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों को फोन पर अवगत करा दिया। मौके पर चौकी के दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर संकेतक भी लगा दिए हैं। पुलिसकर्मियों के मुताबिक, क्षतिग्रस्त पहुंच मार्ग की तरफ किसी वाहन का पहिया भी गुजर गया तो हादसे का शिकार हो सकता है।
मरम्मत सामग्री की गुणवत्ता पर उठ चुके हैं सवाल
कछला पुल के पहुंच मार्ग की पिछले महीने एनएचएआई के साइट इंजीनियर मयंक चौहान की देखरेख में मरम्मत का काम हुआ तो जेसीबी के जरिये पहले पत्थर की टुकड़ी डाली गई, फिर उसके ऊपर मिट्टी बिछा दी गई थी। मिट्टी के ऊपर मोटे पत्थर नहीं लगवाए थे। बारिश के पानी के निकास के लिए अलग से नाली का निर्माण कराया गया। पहले जो नाली थी, वह क्षतिग्रस्त हो गई थी। कासगंज जिले वाले छोर पर ही पुल के ऊपर बारिश के पानी का बहाव रहता है। इसके बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं रखा।
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कछला पुल के पहुंच मार्ग की मिट्टी बहने की जानकारी बृहस्पतिवार को हुई तो एनएचएआई के अफसरों को अवगत कराया। दोपहर बाद पता चला कि प्राधिकरण के साइट इंजीनियर ने मौका मुआयना कर लिया है। मरम्मत भी शुरू कर दी गई है। मौके पर पुलिस कर्मी भी तैनात हैं। - मनीष सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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हाईवे पर कछला पुल के पास कासगंज जिले की छोर वाले पहुंच मार्ग पर पिछली बार 24 अगस्त को मिट्टी धंस जाने से करीब 15 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। अगले दिन एनएचएआई के अफसरों ने मरम्मत शुरू करा दी थी। बृहस्पतिवार सुबह गंगाघाट के दुकानदार पहुंच मार्ग के पास से होकर गुजरे तो उन्हें फिर गहरा गड्ढा दिखा। सूचना मिलते ही नगर पंचायत कछला के ईओ रतन कुमार पांडेय ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों को फोन पर अवगत करा दिया। मौके पर चौकी के दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर संकेतक भी लगा दिए हैं। पुलिसकर्मियों के मुताबिक, क्षतिग्रस्त पहुंच मार्ग की तरफ किसी वाहन का पहिया भी गुजर गया तो हादसे का शिकार हो सकता है।
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मरम्मत सामग्री की गुणवत्ता पर उठ चुके हैं सवाल
कछला पुल के पहुंच मार्ग की पिछले महीने एनएचएआई के साइट इंजीनियर मयंक चौहान की देखरेख में मरम्मत का काम हुआ तो जेसीबी के जरिये पहले पत्थर की टुकड़ी डाली गई, फिर उसके ऊपर मिट्टी बिछा दी गई थी। मिट्टी के ऊपर मोटे पत्थर नहीं लगवाए थे। बारिश के पानी के निकास के लिए अलग से नाली का निर्माण कराया गया। पहले जो नाली थी, वह क्षतिग्रस्त हो गई थी। कासगंज जिले वाले छोर पर ही पुल के ऊपर बारिश के पानी का बहाव रहता है। इसके बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं रखा।
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कछला पुल के पहुंच मार्ग की मिट्टी बहने की जानकारी बृहस्पतिवार को हुई तो एनएचएआई के अफसरों को अवगत कराया। दोपहर बाद पता चला कि प्राधिकरण के साइट इंजीनियर ने मौका मुआयना कर लिया है। मरम्मत भी शुरू कर दी गई है। मौके पर पुलिस कर्मी भी तैनात हैं। - मनीष सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी