{"_id":"b21268425625434b0be1e9745b7bd3a1","slug":"the-36-soldiers-were-just-11-of-the-list-tbadte-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूची बनी 36 सिपाहियों की तबादते हुए सिर्फ 11","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूची बनी 36 सिपाहियों की तबादते हुए सिर्फ 11
बदायूं।
Updated Sun, 15 Mar 2015 11:59 PM IST
विज्ञापन
मूसाझाग और उझानी कांड के बाद आईजी के निर्देश पर जिले भर में दागी सिपाहियों की सूची बनाकर इनका तबादला दूसरे जिलों में कर दिया गया। दरअसल, उस समय जिले में 36 दागी सिपाहियों की सूची बनी थी। बाद में इस सूची से 25 सिपाहियों के नाम काट दिए गए। तत्कालीन एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बाकी बचे 11 सिपाहियों की सूची कार्रवाई के लिए डीआईजी को भेज दी। इनमें नौ सिपाही यादव बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले थे। वह कौन से सिपाही हैं, जिनके नाम सूची से हटाए गए? इस पर कोई बोलने को तैयार नहीं। 36 सिपाहियों की सूची में सिर्फ 11 के नाम क्यों भेजे गए? इसको लेकर तत्कालीन एसएसपी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह का तबादला होने के बाद वीरेंद्र यादव, मुकेश, रविंद्र, विनोद, सतेंद्र, अशोक और धर्मेंद्र डीआईजी के सामने पेश हुए। डीआईजी ने इनकी जांच एसएसपी सौमित्र यादव से कराई। एसएसपी ने इनको क्लीनचिट दे दी। इसके बाद डीआईजी ने तबादला रद कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि तत्कालीन एसएसपी ने जो सूची बनाई थी उसमें वह सिपाही कौन से थे जिनके नाम हटा दिए गए? किस आधार पर सिपाहियों को दागी करार दिया गया? मौजूदा एसएसपी ने किस आधार पर इन सिपाहियों को क्लीनचिट दी? तबादला रद होने के बाद 11 में से सात सिपाही वापस आ गए हैं। इनमें दो को तैनाती भी दे दी गई है।
00
बाकी पांच सिपाहियों ने भी कराई आमद
बदायूं। मूसाझाग और उझानी कांड के बाद जिले से बाहर तबादला किए गए बाकी सिपाहियों ने भी पुलिस लाइंस में आमद करा दी है। 11 सिपाहियों में से सात का पिछले दिनों डीआईजी ने तबादला रद कर दिया था। वीरेंद्र यादव और रविंद्र सिंह पहले ही आमद करा चुके हैं। मुकेश, विनोद कुमार, सतेंद्र, अशोक और धर्मेंद्र ने भी पुलिस लाइंस में आमद दर्ज करा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएसपी संतोष कुमार सिंह का तबादला होने के बाद वीरेंद्र यादव, मुकेश, रविंद्र, विनोद, सतेंद्र, अशोक और धर्मेंद्र डीआईजी के सामने पेश हुए। डीआईजी ने इनकी जांच एसएसपी सौमित्र यादव से कराई। एसएसपी ने इनको क्लीनचिट दे दी। इसके बाद डीआईजी ने तबादला रद कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि तत्कालीन एसएसपी ने जो सूची बनाई थी उसमें वह सिपाही कौन से थे जिनके नाम हटा दिए गए? किस आधार पर सिपाहियों को दागी करार दिया गया? मौजूदा एसएसपी ने किस आधार पर इन सिपाहियों को क्लीनचिट दी? तबादला रद होने के बाद 11 में से सात सिपाही वापस आ गए हैं। इनमें दो को तैनाती भी दे दी गई है।
विज्ञापन
00
बाकी पांच सिपाहियों ने भी कराई आमद
बदायूं। मूसाझाग और उझानी कांड के बाद जिले से बाहर तबादला किए गए बाकी सिपाहियों ने भी पुलिस लाइंस में आमद करा दी है। 11 सिपाहियों में से सात का पिछले दिनों डीआईजी ने तबादला रद कर दिया था। वीरेंद्र यादव और रविंद्र सिंह पहले ही आमद करा चुके हैं। मुकेश, विनोद कुमार, सतेंद्र, अशोक और धर्मेंद्र ने भी पुलिस लाइंस में आमद दर्ज करा दी है।
विज्ञापन