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Budaun News: टेंडर खुले, पर कोलतार महंगा होने से ठेकेदारों ने नहीं किए एग्रीमेंट, सड़कों का काम अटका
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शहर का नेकपुर से डीएम चौराहे को जाने वाला रोड। संवाद
- फोटो : 1
बदायूं। जिले में सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ठप है। टेंडर खुलने के बाद भी ठेकेदारों ने अब तक एग्रीमेंट नहीं किए हैं। इससे विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। इसकी मुख्य वजह कोलतार (बिटुमेन) के दाम बढ़ना हैं।
जिले में करीब 130 सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए टेंडर पुराने रेट पर डाले गए थे। उस समय कोलतार की कीमत अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन पिछले एक माह में इसके दामों में करीब 30 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन तक की बढ़ोतरी हो गई है। इस अचानक बढ़ी लागत के कारण ठेकेदारों को काम में घाटा होने की आशंका है, जिसके चलते वे एग्रीमेंट करने से पीछे हट रहे हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि पुराने रेट पर काम करना अब संभव नहीं, क्योंकि निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर कोलतार की कीमतों में आई तेजी ने सड़क निर्माण को महंगा कर दिया है। ऐसे में यदि वे पुराने रेट पर काम करेंगे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इधर, सड़कों के निर्माण में देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पहले से ही जर्जर सड़कों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। ठेकेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो रेट में संशोधन किया जाए।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से टेंडर की प्रकिया पूरी कर ली है, लेकिन जिले के ठेकेदारों ने अभी एग्रीमेंट नहीं कराया है। क्योंकि इस बस समय कोलतार के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। ऐसे में ठेकेदारों को इस समय काम करना मुश्किल हो गया है। - अमित पांडेय, जिलाध्यक्ष कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन
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जिले में करीब 130 सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए टेंडर पुराने रेट पर डाले गए थे। उस समय कोलतार की कीमत अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन पिछले एक माह में इसके दामों में करीब 30 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन तक की बढ़ोतरी हो गई है। इस अचानक बढ़ी लागत के कारण ठेकेदारों को काम में घाटा होने की आशंका है, जिसके चलते वे एग्रीमेंट करने से पीछे हट रहे हैं।
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ठेकेदारों का कहना है कि पुराने रेट पर काम करना अब संभव नहीं, क्योंकि निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर कोलतार की कीमतों में आई तेजी ने सड़क निर्माण को महंगा कर दिया है। ऐसे में यदि वे पुराने रेट पर काम करेंगे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इधर, सड़कों के निर्माण में देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पहले से ही जर्जर सड़कों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। ठेकेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो रेट में संशोधन किया जाए।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से टेंडर की प्रकिया पूरी कर ली है, लेकिन जिले के ठेकेदारों ने अभी एग्रीमेंट नहीं कराया है। क्योंकि इस बस समय कोलतार के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। ऐसे में ठेकेदारों को इस समय काम करना मुश्किल हो गया है। - अमित पांडेय, जिलाध्यक्ष कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन