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Budaun News: स्पेशल बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
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बदायूं। स्पेशल बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उनको परिषदीय स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। शुरुआत में शिक्षकों को पढ़ाने और छात्र-छात्राओं को पढ़ने में दिक्कत आ रही थी। इस परेशानी काे दूर करने के लिए प्रत्येक स्कूल में एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले के 2155 में से 1077 स्कूलों का चयन किया गया है। यहां के एक-एक शिक्षक काे प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो नोडल शिक्षक के रूप में अपने ही स्कूल में तैनात होंगे।
जिले में 2155 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 5300 दिव्यांग (स्पेशल) पंजीकृत हैं। इनको पढ़ाने में शिक्षकों को काफी परेशानी होती है, क्योंकि कई बच्चे दृष्टि बाधित तो कई श्रवण बाधित हैं। ऐसे में सामान्य शिक्षक उनकी बातों को आसानी से समझ नहीं पाते। न ही अपनी बात इन स्पेशल बच्चों को समझा पाते हैं। इसकी वजह से कई बच्चों ने स्कूल आना ही छोड़ दिया था। हालांकि गत वर्ष शासन के निर्देश पर 1078 स्कूलों के एक-एक शिक्षक को ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद बच्चों का दोबारा स्कूल आना शुरू हो गया। इस बार बचे हुए 1077 स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इन शिक्षकों को नोडल शिक्षक के रूप में जाना जाएगा।
मास्टर ट्रेनर को लखनऊ में दी गई ट्रेनिंग
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण लेने के लिए जिले से तीन स्पेशल शिक्षकों को भेजा गया था। इनमें राजेश मौर्य, सुरेश मिश्रा और संदीप राय थे। इनको 21 से 25 मई तक लखनऊ में ट्रेनिंग दी गई। अब यह मास्टर ट्रेनर जिले पर तैनात 48 स्पेशल शिक्षकों को जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद में इन शिक्षकाें की तरफ से ब्लॉक स्तर पर नोडल शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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शासन ने 1077 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जिले के तीन शिक्षकों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया है। यह शिक्षक अब अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। - जितेंद्र कुमार, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा
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जिले में 2155 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 5300 दिव्यांग (स्पेशल) पंजीकृत हैं। इनको पढ़ाने में शिक्षकों को काफी परेशानी होती है, क्योंकि कई बच्चे दृष्टि बाधित तो कई श्रवण बाधित हैं। ऐसे में सामान्य शिक्षक उनकी बातों को आसानी से समझ नहीं पाते। न ही अपनी बात इन स्पेशल बच्चों को समझा पाते हैं। इसकी वजह से कई बच्चों ने स्कूल आना ही छोड़ दिया था। हालांकि गत वर्ष शासन के निर्देश पर 1078 स्कूलों के एक-एक शिक्षक को ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद बच्चों का दोबारा स्कूल आना शुरू हो गया। इस बार बचे हुए 1077 स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इन शिक्षकों को नोडल शिक्षक के रूप में जाना जाएगा।
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मास्टर ट्रेनर को लखनऊ में दी गई ट्रेनिंग
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण लेने के लिए जिले से तीन स्पेशल शिक्षकों को भेजा गया था। इनमें राजेश मौर्य, सुरेश मिश्रा और संदीप राय थे। इनको 21 से 25 मई तक लखनऊ में ट्रेनिंग दी गई। अब यह मास्टर ट्रेनर जिले पर तैनात 48 स्पेशल शिक्षकों को जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद में इन शिक्षकाें की तरफ से ब्लॉक स्तर पर नोडल शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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शासन ने 1077 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जिले के तीन शिक्षकों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया है। यह शिक्षक अब अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। - जितेंद्र कुमार, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा