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मेडिकल कॉलेज में ट्रूनेट से शुरू हुई टीबी की जांच
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में टीबी की जांच की गई। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। टीबी की जांच अभी तक जिला अस्पताल में हो रही थी, लेकिन यहां भी मरीजों को काफी अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए अब टीबी के रोगियों की जांच राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज को पिछले दिनों ट्रूनेट मशीन मिली थी और बीते सप्ताह स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी गई थी। इसके बाद में अब यहां ट्रूनेट मशीन के माध्यम से टीबी की जांच शुरू करा दी गई है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज का भवन भले ही निर्माणाधीन हो, लेकिन यहां पर मरीजों के लिए कॉलेज स्टाफ की तरफ से बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। जो जांचें अभी तक कॉलेज में नहीं हो रही हैं, उनको भी यहां पर कराने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसका सार्थक नतीजा भी अब सामने आने लगा है। कॉलेज में अब तक टीबी की जांच नहीं हो रही थी, ऐसे में यहां पर टीबी के संदिग्ध मरीजों का इलाज ठीक से संभव नहीं हो पा रहा था। मरीजों को टीबी की जांच कराने के लिए उन्हें जिला अस्पताल भेजना पड़ता था। वहां से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद दोबारा से मरीजों को मेडिकल कॉलेज आना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि राजकीय मेडिकल में भी अब टीबी की जांच होना शुरू हो गई है।
जिले में हैं नौ हजार टीबी रोगी
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में नौ हजार के करीब टीबी के मरीज हैं, जिनका इलाज बिसौली, दातागंज, उझानी, बदायूं समेत पांच स्थानों पर होता है। अब राजकीय मेडिकल भी इसी कड़ी में जुड़ गया है। इन सभी टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है।
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अब राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी टीबी की जांच डॉ. वशिष्ठ मिश्रा की निगरानी में शुरू हो गई है। ऐसे में मरीजों को अब केवल जिला अस्पताल पर ही निर्भर नहीं रहना होगा। वे मेडिकल कॉलेज में भी टीबी की जांच करा सकेंगे।
-डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज का भवन भले ही निर्माणाधीन हो, लेकिन यहां पर मरीजों के लिए कॉलेज स्टाफ की तरफ से बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। जो जांचें अभी तक कॉलेज में नहीं हो रही हैं, उनको भी यहां पर कराने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसका सार्थक नतीजा भी अब सामने आने लगा है। कॉलेज में अब तक टीबी की जांच नहीं हो रही थी, ऐसे में यहां पर टीबी के संदिग्ध मरीजों का इलाज ठीक से संभव नहीं हो पा रहा था। मरीजों को टीबी की जांच कराने के लिए उन्हें जिला अस्पताल भेजना पड़ता था। वहां से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद दोबारा से मरीजों को मेडिकल कॉलेज आना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि राजकीय मेडिकल में भी अब टीबी की जांच होना शुरू हो गई है।
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जिले में हैं नौ हजार टीबी रोगी
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में नौ हजार के करीब टीबी के मरीज हैं, जिनका इलाज बिसौली, दातागंज, उझानी, बदायूं समेत पांच स्थानों पर होता है। अब राजकीय मेडिकल भी इसी कड़ी में जुड़ गया है। इन सभी टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है।
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अब राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी टीबी की जांच डॉ. वशिष्ठ मिश्रा की निगरानी में शुरू हो गई है। ऐसे में मरीजों को अब केवल जिला अस्पताल पर ही निर्भर नहीं रहना होगा। वे मेडिकल कॉलेज में भी टीबी की जांच करा सकेंगे।
-डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज