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शासन की झोली में ही पड़ा रहा धन

Fri, 13 Mar 2015 07:11 PM IST
badaun
badaun Updated Fri, 13 Mar 2015 07:11 PM IST
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जिले में इस साल के लिए मंजूर बाल विकास विभाग के छह आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण मार्च तक शुरू नहीं हो सका है। इन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलने वाली रकम शासन की झोली में पड़ी रही। मार्च आने पर शासन को इन केेद्रों के निर्माण की सुध आई है। अभी तीन दिन पहले की निर्माण के लिए धनराशि मिली है, जो निर्माणदायी संस्था क्षेत्र पंचायत को भेज भी दी गई है। जब पिछले दो सालों के स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र ही नहीं बन सके हैं, तो इन केंद्रों का इस सत्र में बन पाना मुश्किल है।

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पिछले 24 आंगनबाड़ी केंद्रों को पूरा धन नहीं
वर्ष 2012-13 में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को 12 आंगनबाड़ी केंद्र मंजूर हुए थे। इनमें धनाभाव के कारण नौ ही बन सके हैं। इनके लिए पहली किस्त ही प्राप्त हो सकी थी। वहीं वर्ष 2013-14 में भी 12 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाना तय हुआ था। इसमें लिंटर स्तर तक काम हो सका है। तीन आंगनबाड़ी केंद्र अभी शुरू भी नहीं हुए हैं।
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इस वर्ष छह आंगनबाड़ी केंद्रों को अभी आया धन
इस वर्ष आंगनबाड़ी केंद्रों को मार्च में अभी तीन दिन पहले ही धन प्राप्त हुआ है। इन केंद्रों का निर्माण कार्य इस वर्ष शुरू नहीं हो सकेगा। हालांकि शासन से धन मिलते ही आनन-फानन में कार्यदयी संस्था क्षेत्र पंचायत को भेज दिया गया है। इन केंद्रों को पर केंद्र 4.75 लाख रुपये के हिसाब से 28.50 लाख रुपया प्राप्त हुआ है।
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संमग्र गांवों में बनने हैं इस वर्ष के छह केंद्र
ब्लाक आसफपुर (1)   1. राज टिकोली
ब्लाक उझानी (1)      1. तेहरा
ब्लाक बिसौली  (4)    1. सिद्धपुर कैथोली में तीन
                           2. बरखेड़ा


आंगनबाड़ी केंद्रों को जैसे-जैसे धन प्राप्त होता जा रहा है, निर्माण का काम हो रहा है। सभी केंद्र क्षेत्र पंचायत संस्था को निर्माण के लिए दिए गए हैं। अबतक तीन वर्षों में 30 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हुए थे। इनमें नौ ही पूरे हो सके हैं। इन्हें विभाग द्वारा हस्तगत कर लिया है। इस वर्ष का धन अभी तीन दिन पहले ही आया है। इसलिए इनका निर्माण अगले वित्तीय वर्ष में ही शुरू हो सकेगा।
- निर्मल शर्मा, डीपीओ, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग

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