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Budaun News: 45 लाख के घोटाले में मदनलाल इंटर कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य सेवामुक्त
Sun, 28 Dec 2025 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:35 PM IST
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बिसौली। 45 लाख रुपये के घोटाले के मामले में मदनलाल इंटर कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह को मैनेजमेंट कमेटी ने सेवामुक्त कर दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने भी इस कार्रवाई का अनुमोदन कर दिया है। वहीं, कॉलेज मैनेजर राजीव गर्ग ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम, एसएसपी को तहरीर दी है।
नगर स्थित मदनलाल इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह और मैनेजर राजीव गर्ग के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मैनेजर का आरोप था कि प्रधानाचार्य ने छात्रों से ली गई फीस का दुरुपयोग किया और लाखों रुपये का गबन कर लिया। इसी आरोप के आधार पर 28 जुलाई को मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में प्रधानाचार्य को निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
इस प्रस्ताव को जिला विद्यालय निरीक्षक ने 20 सितंबर को अनुमोदित किया। इसके बाद मामले की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर मैनेजमेंट कमेटी ने प्रधानाचार्य को बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव पारित कर डीआईओएस को भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने 15 दिसंबर को इस प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करते हुए नरेंद्र पाल सिंह को सेवामुक्त करने के आदेश जारी कर दिए। मैनेजर राजीव गर्ग का आरोप है कि प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह ने छात्रों की करीब 45 लाख रुपये की धनराशि का घोटाला किया है, जिससे विद्यालय की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हुई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर डीएम और एसएसपी को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
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नगर स्थित मदनलाल इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह और मैनेजर राजीव गर्ग के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मैनेजर का आरोप था कि प्रधानाचार्य ने छात्रों से ली गई फीस का दुरुपयोग किया और लाखों रुपये का गबन कर लिया। इसी आरोप के आधार पर 28 जुलाई को मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में प्रधानाचार्य को निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
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इस प्रस्ताव को जिला विद्यालय निरीक्षक ने 20 सितंबर को अनुमोदित किया। इसके बाद मामले की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर मैनेजमेंट कमेटी ने प्रधानाचार्य को बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव पारित कर डीआईओएस को भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने 15 दिसंबर को इस प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करते हुए नरेंद्र पाल सिंह को सेवामुक्त करने के आदेश जारी कर दिए। मैनेजर राजीव गर्ग का आरोप है कि प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह ने छात्रों की करीब 45 लाख रुपये की धनराशि का घोटाला किया है, जिससे विद्यालय की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हुई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर डीएम और एसएसपी को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
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