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Budaun News: सुप्रीम फैसले का किया गया स्वागत, मिलेगी बड़ी राहत
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मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही
बदायूं। वक्फ की संपत्तियों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिले में स्वागत किया गया है। मुस्लिम समाज लोगों ने इसे हितकारी बताया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बताया कि जिले में सिया व सुन्नी बोर्ड की 1709 वक्फ की संपत्तियां है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आंकड़ों में सुन्नी वक्फ बोर्ड में कब्रिस्तान 1150, मस्जिद 215, दरगाह पांच, इमाबाड़ा 17, मकबरा छह, जियारत 70, ईदगाह 45, कर्बला सात, मजार आठ, कृषि भूमि 45 व अन्य संपत्तियां। इसके अलावा वक्फ की 139 संपत्तियां है। इसी साल जनवरी में हुए सर्वे के मुताबिक 1709 वक्त की संपत्तियां हैं।
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मुसलमानों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट का वक्फ से संबंधित फैसला आया है। उसका हम स्वागत करते हैं। हमें हमारी न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है, भविष्य में भी हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। फैसले से मुसलमानों को बड़ी राहत मिली है। -मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही
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न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसाा
सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों से मुसलमानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। जब भी पूरा फ़ैसला आएगा, वह मुसलमानों के हक़ में आएगा। ऐसे अहम फैसलों से हमारा देश और लोकतंत्र मज़बूत होगा। - मुफ्ती सैयद वाकिफ अली अशरफी, ईदगाह पेशे इमाम सैदपुर
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वर्जन-
- वक्फ की जमीन के बारे में जानकारी अपलोड करने के लिए उम्मीद पोर्टल बनाया गया है। उस पर जिले के शिया और सुन्नी की वक्फ जमीन से संबंधित जानकारी को साझा किया जाएगा। - प्रणव पाठक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आंकड़ों में सुन्नी वक्फ बोर्ड में कब्रिस्तान 1150, मस्जिद 215, दरगाह पांच, इमाबाड़ा 17, मकबरा छह, जियारत 70, ईदगाह 45, कर्बला सात, मजार आठ, कृषि भूमि 45 व अन्य संपत्तियां। इसके अलावा वक्फ की 139 संपत्तियां है। इसी साल जनवरी में हुए सर्वे के मुताबिक 1709 वक्त की संपत्तियां हैं।
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मुसलमानों को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट का वक्फ से संबंधित फैसला आया है। उसका हम स्वागत करते हैं। हमें हमारी न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है, भविष्य में भी हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। फैसले से मुसलमानों को बड़ी राहत मिली है। -मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही
न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसाा
सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों से मुसलमानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। हमें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। जब भी पूरा फ़ैसला आएगा, वह मुसलमानों के हक़ में आएगा। ऐसे अहम फैसलों से हमारा देश और लोकतंत्र मज़बूत होगा। - मुफ्ती सैयद वाकिफ अली अशरफी, ईदगाह पेशे इमाम सैदपुर
वर्जन-
- वक्फ की जमीन के बारे में जानकारी अपलोड करने के लिए उम्मीद पोर्टल बनाया गया है। उस पर जिले के शिया और सुन्नी की वक्फ जमीन से संबंधित जानकारी को साझा किया जाएगा। - प्रणव पाठक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही