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Budaun News: ऐसी अंधेर... 48 लाख की ट्रैफिक लाइटें आठ साल से बंद
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इंद्रा चौक पर बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटें। संवाद
- फोटो : स्रोत, यूपीसीए।
बदायूं। शहर के सभी चौराहों पर रोजाना जाम लग रहा है। लोगों को जाम से निकालने के लिए यातायात पुलिस की टीम को रोजाना मशक्कत करनी पड़त रही है। लेकिन नौ साल पहले यातायात को सुगम बनाने के लिए लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल को ठीक नहीं कराया गया है। 48 लाख रुपये की लागत से पांच चौराहों पर लगाए गए सिग्नल आठ साल से बंद हैं। इसे ठीक कराने के लिए नगर पालिका के पास बजट भी नहीं है।
चौराहों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत देने के लिए 2016 में सर्वे कराया गया। सर्वे में पाया कि चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई जाय। इससे यातायात सुगम होगा और जाम नहीं लगेगा। सर्वे होने के बाद इस पर नगर पालिका की ओर से 48 लाख रुपये खर्च करके भामाशाह चौक, परशुराम चौक, दातागंज तिराहा, शहीद भगत सिंह चौक और इंदिरा चौक पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गईं। शुरुआत में यह ठीक चलीं, यातायात पुलिस ने इसका ठीक से इस्तेमाल भी किया। वर्ष 2017 के बाद से यह लाइटें खराब हो गईं। उसके बाद से उसे ठीक नहीं कराया गया। अब सभी ट्रैफिक लाइटें धूल फांक कर रही हैं। कुछ लाइटें उखड़कर टेंढ़ी भी हो गई है। कुछ से दुकानदारों ने तिरपाल बांध ली है। आठ सालों से इसे ठीक कराने के लिए पुलिस या पालिका प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है।
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ये हैं नए जाम प्वाइंट
शहर के गोपी चौक, गांधी ग्राउंड चौराहा, रजी चौक, पथिक चौक, महाराणा प्रताप चौक पर जाम के नए प्वाइंट बन गए हैं। इन चौराहों पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनती रहती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। लेकिन इन चौराहों पर सिग्नल भी नहीं लगा है।
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चौराहों पर रहती पुलिस, लेकिन सक्रिय नहीं
शहर के सभी चौराहों पर यातायात पुलिस तैनात रहती है, लेकिन लोगों को नियमों का पालन नहीं करा पा रही है। इस वजह से बिना हेलमेट सहित अन्य नियम तोड़ते हुए वाहन सवार रोज गुजरते हैं।
कोट
- पालिका द्वारा चौराहों पर लाइटें कब लगवाई गईं, इसकी जानकारी नहीं है। ट्रैफिक लाइटों को लेकर कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। अगर लाइटों को लगाया गया है तो उनको चलना चाहिए। अब पता लगा है तो आज ही इसको दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खराब ट्रैफिक सिग्नल को जल्द ही ठीक भी कराया जाएगा। - सुरेश पाल, सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी ईओ
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2017 से ट्रैफिक लाइटें खराब हैं। बजट की कमी की वजह से इनको ठीक नहीं किया जा सका है। इसे ठीक कराना हमारी योजना में शामिल है। आने वाले दिनों में इसे ठीक करवाया जाएगा। - फात्मा रजा, अध्यक्ष, नगर पालिका
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चौराहों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत देने के लिए 2016 में सर्वे कराया गया। सर्वे में पाया कि चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई जाय। इससे यातायात सुगम होगा और जाम नहीं लगेगा। सर्वे होने के बाद इस पर नगर पालिका की ओर से 48 लाख रुपये खर्च करके भामाशाह चौक, परशुराम चौक, दातागंज तिराहा, शहीद भगत सिंह चौक और इंदिरा चौक पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गईं। शुरुआत में यह ठीक चलीं, यातायात पुलिस ने इसका ठीक से इस्तेमाल भी किया। वर्ष 2017 के बाद से यह लाइटें खराब हो गईं। उसके बाद से उसे ठीक नहीं कराया गया। अब सभी ट्रैफिक लाइटें धूल फांक कर रही हैं। कुछ लाइटें उखड़कर टेंढ़ी भी हो गई है। कुछ से दुकानदारों ने तिरपाल बांध ली है। आठ सालों से इसे ठीक कराने के लिए पुलिस या पालिका प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है।
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ये हैं नए जाम प्वाइंट
शहर के गोपी चौक, गांधी ग्राउंड चौराहा, रजी चौक, पथिक चौक, महाराणा प्रताप चौक पर जाम के नए प्वाइंट बन गए हैं। इन चौराहों पर दिनभर जाम जैसी स्थिति बनती रहती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। लेकिन इन चौराहों पर सिग्नल भी नहीं लगा है।
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चौराहों पर रहती पुलिस, लेकिन सक्रिय नहीं
शहर के सभी चौराहों पर यातायात पुलिस तैनात रहती है, लेकिन लोगों को नियमों का पालन नहीं करा पा रही है। इस वजह से बिना हेलमेट सहित अन्य नियम तोड़ते हुए वाहन सवार रोज गुजरते हैं।
कोट
- पालिका द्वारा चौराहों पर लाइटें कब लगवाई गईं, इसकी जानकारी नहीं है। ट्रैफिक लाइटों को लेकर कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। अगर लाइटों को लगाया गया है तो उनको चलना चाहिए। अब पता लगा है तो आज ही इसको दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खराब ट्रैफिक सिग्नल को जल्द ही ठीक भी कराया जाएगा। - सुरेश पाल, सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी ईओ
2017 से ट्रैफिक लाइटें खराब हैं। बजट की कमी की वजह से इनको ठीक नहीं किया जा सका है। इसे ठीक कराना हमारी योजना में शामिल है। आने वाले दिनों में इसे ठीक करवाया जाएगा। - फात्मा रजा, अध्यक्ष, नगर पालिका

इंद्रा चौक पर बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटें। संवाद- फोटो : स्रोत, यूपीसीए।

इंद्रा चौक पर बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटें। संवाद- फोटो : स्रोत, यूपीसीए।