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नहीं पहुंचा मिड-डे मील, भूखे पेट घर लौटे बच्चे

Tue, 02 Jan 2018 06:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बदायूं Updated Tue, 02 Jan 2018 06:32 PM IST
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student returns home starved as no Mdm supplied
student

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील को लेकर शिकायतें जारी हैं। सोमवार को गुणवत्ता खराब बताकर पांच विद्यालयों के प्रधानाध्यापक ने मिड-डे मील लेने से इंकार कर दिया था। मंगलवार को एनजीओ ने नगर क्षेत्र के सभी 11 विद्यालयों में मिड-डे मील नहीं बांटा, जिससे बच्चों को भूखा रहना पड़ा। 

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मामला नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का है। नगर के सभी 11 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील मुहैया कराने की जिम्मेदारी एक एनजीओ पर है। एनजीओ के जरिए ही रोजाना स्कूलों में मिड-डे मील पहुंचाया जाता रहा है। किलाखेड़ा स्थित एक ही कैंपस में संचालित रवींद्रनाथ टैगोर प्राथमिक विद्यालय, अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय, मालवीय प्राथमिक विद्यालय और नेहरू प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टरों ने सोमवार को मिड-डे मील की गुणवत्ता खराब बताकर उसे लेने से इंकार कर दिया था। हेडमास्टर गजेंद्र पंत और जयंती शर्मा की मानें तो चावल अधपके थे और सब्जी में आलू कम पानी अधिक था। इसकी शिकायत हेडमास्टरों ने विभागीय अफसरों तक भी पहुंचा दी थी। 
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गुणवत्ता की शिकायत बच्चों के पेट पर भारी पड़ेगी, इसका अहसास तो हेडमास्टरों को मंगलवार उस समय हुुआ जब दोपहर तक स्कूल में मिड-डे मील नहीं पहुंचा। पालिका परिसर स्थित कस्तूरबा कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय और सरोजनी नायडू प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी अन्य स्कूलों की तरह मिड-डे मील का इंतजार करते नजर आए। मिड-डे मील नहीं पहुंचने की जानकारी अफसरों को भी दे दी गई है। अफसरों को यह भी बता दिया गया कि बच्चों को भूखे पेट घर लौटना पड़ा। 
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बच्चों को नहीं मिलता फल और दूध 
उझानी। मिड-डे मील नहीं पहुंचने से किलाखेड़ा के कैंपस में खाली थालियां दिखाते मिले बच्चों में हरीओम और सविता ने बताया कि मिड-डे मील आता है लेकिन बेस्वाद होता है। मीनू के अनुसार सोमवार को उन्हें फल और बुधवार को दूध मिलना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता। हेडमास्टर सुमित ने बच्चों के सामने ही दूध और फल की शिकायत को उचित ठहरा दिया। 


सोमवार को गुणवत्ता की शिकायत महज इसलिए की गई कि व्यवस्था में सुधार होगा लेकिन इसकी वजह से बच्चों को अगले दिन भूखा रहना पड़ेगा इसका पता नहीं था। लखनऊ से आने वाली कॉल के जवाब में ही हकीकत बयां कर दी है।- आर्येंद्र कुमार, हेडमास्टर, मालवीय प्राथमिक विद्यालय


उझानी के स्कूलों में मिड-डे मील वितरण नहीं किया गया है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। इस बारे में स्टाफ से जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। मिड-डे मील की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। - हिना खान, जिला समन्वयक एमडीएम

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