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मछली पालन के नाम पर पट्टा, तालाबों में खेती

Fri, 16 Jun 2017 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  दातागंज। 
अमर उजाला ब्यूरो  दातागंज।  Updated Fri, 16 Jun 2017 10:57 PM IST
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Strap in the name of fish farming, cultivation in ponds
खेतों - फोटो : अमर उजाला
तालाबों के संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं राजस्व विभाग            
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तहसील क्षेत्र में करीब दो दर्जन ऐसे तालाब हैं जिनका पट्टा तो मछली पालन के नाम पर हुआ था लेकिन इनमें पानी भरा नहीं गया, यहां खेती की जा रही है। कई ऐसे तालाब भी हैं जिनका अस्तित्व पूरी तरह से मिट गया है। दातागंज कस्बे में ही आधा दर्जन से ज्यादा तालाब खत्म हो गए हैं। हालांकि, राजस्व रिकार्ड में अब भी ये तालाब दर्ज हैं। राजस्व विभाग ने तालाबों के संरक्षण को गंभीरता से नहीं लिया है।  भीषण गर्मी में गांव-देहात में स्थित तालाब सूखने की वजह से जंगली जानवरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। तालाबों पर कब्जा कर अवैध निर्माण कराने वाले और मछली पालन के नाम पर पट्टा लेकर उस पर खेती करने वाले पूरी तरह से बेखौफ हैं। तहसील प्रशासन ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। कई बार शिकायत की गईं। हालात ऐसे बन गए हैं कि दो दर्जन तालाब पर खेती हो रही है। स्थिति लगातार बदतर हो रही है। ढका दियुरारा में 150 बीघा का विशाल जलाशय था। इसमें अब एक बूंद पानी नहीं है। मैरी बजर मैरी में तो 60 बीघा का तालाब अब नहीं दिखता।             
         
तेजी से गिर रहा भू-जलस्तर
तागंज। जलाशयों के सूखने की वजह से भू-जल का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। इससे ये तेजी से गिर रहा है। जिले के चार ब्लॉक पहले ही डार्क जोन में पहुंच चुके हैं। यहां नलकूपों के बोरिंग तक पर पाबंदी है। तालाब अगर इसी तरह से खत्म होते रहे तो डार्क जोन में पहुंचे ब्लॉकों को भी बाहर लाना मुश्किल होगा।   
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इन तालाबों पर हो रही खेती
ढका दियूरिया 150 बीघा, मैरी बजर मैरी 60 बीघा, चंगासी 50 बीघा, मोजमपुर 8 बीघा, खुकड़ी 5  बीघा, मानकपुर शिकारपुर 10 बीघा, कैलोठा 8 बीघा, नगरिया हरदास 10 बीघा, अलापुर मोती हरदयाल 7 बीघा, भटौली 8 बीघा, टिकला पिलौरा 14 बीघा, पापड़ 14 बीघा, रुदेली भुड़ेली 20 बीघा,नाथपुर अंगदराय 7 बीघा, आसफपुर 10 बीघा, अमृतापुर 9 बीघा, पलिया गूजर 20 बीघा,फतेहगढ़ 20 बीघा, मैलहा 7 बीघा, समरेर 100 बीघा।    ------------        
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तालाबों के पट्टे मछली पालन के लिए दिए गए हैं। अगर इन पर खेती हो रही है तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। जहां अवैध निर्माण कर लिए गए हैं वहां निर्माण भी ध्वस्त कराए जाएंगे।
-मनोज प्रकाश, तहसीलदार
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