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Budaun News: कभी बदायूं को अपना गढ़ मानने वाली सपा ने भाजपा के सामने किया सरेंडर
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वेद प्रकाश सिंह राठौर सभापति
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बदायूं। एक समय था कि एटा, मैनपुरी, आजमगढ़ जैसे जिलों को छोड़कर बदायूं को अपना गढ़ मानने वाली सपा अब भाजपा के सामने सरेंडर हो गई है। हालत यह है कि गन्ना समिति के चुनाव में भाजपा का सामना करना तो दूर चुनौती तक पेश करने के लिए प्रयास नहीं किया। भाजपा ने बड़े आराम से सदस्य से लेकर सभापति अपने निर्विरोध निर्वाचित करा लिए। किसी भी पद के लिए चुनाव तक नहीं हुआ।
वर्ष 2012 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुआ तो जिले में सपा ने अपना परचम लहरा दिया था। हालत यह था कि जिले की सभी पांचों विधानसभाओं में सपा विधायक चुनकर आए। भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। इसके बाद वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव हुए तो प्रदेश में भाजपा ने परचम लहराया। सपा के पांच सांसद बने उसमें बदायूं लोकसभा क्षेत्र से धर्मेंद्र यादव सांसद चुने गए थे। इस लहर में भी बदायूं का किला सपा बचाने में कामयाब हो गई थी।
इसके बाद वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान सपा एक सीट तक सिमट गई। फिर दो साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा के खाते में सहसवान, बिसौली और शेखूपुर विधानसभा सीट पहुंच गई। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भी सपा ने यहां से जीत दर्ज की और आदित्य यादव सांसद बने, लेकिन अब सहकारी गन्ना विकास समिति के चुनाव में एक बार फिर सपा ने सरेंडर कर दिया।
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पूरे जिले से 100 सदस्य बनाए गए, लेकिन इसमें एक भी सदस्य सपा का नहीं था। इसके बाद 10 संचालक सदस्य के लिए चुनाव हुआ, लेकिन इसमें भी सपा ने सरेंडर कर दिया और यह सभी भाजपा के निर्विरोध निर्वाचित हो गए। बृहस्पतिवार को जिले में सभापति और उपसभापति का चुनाव हुआ, लेकिन सपा ने इसमें भी सरेंडर करते हुए कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। ऐसे में भाजपा के वेदप्रकाश सिंह राठौर सभापति और सुरजीव गुप्ता उपसभापति निर्विरोध ही निर्वाचित हो गए।
गन्ना विकास समिति के चेयरमैन बने वेद प्रकाश सिंह
बदायूं। सहकारी गन्ना विकास समिति चुनाव के दौरान वेद प्रकाश सिंह राठौर को सभापति और सुरजीव गुप्ता को उपसभापति चुना गया। दूसरा कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं होने के चलते सभापति और उपसभापति को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। चुनाव की सभी प्रक्रिया चुनाव आयोग की ओर से नामित चुनाव अधिकारी एसडीएम सहसवान प्रेमपाल सिंह के निर्देशन में हुआ। सभी संचालक सदस्यों, सभापति, उप सभापति को भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, विधायक हरीश शाक्य, जिला सहकारी संघ अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह ने प्रमाण पत्र वितरित किए। संवाद
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वर्ष 2012 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुआ तो जिले में सपा ने अपना परचम लहरा दिया था। हालत यह था कि जिले की सभी पांचों विधानसभाओं में सपा विधायक चुनकर आए। भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। इसके बाद वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव हुए तो प्रदेश में भाजपा ने परचम लहराया। सपा के पांच सांसद बने उसमें बदायूं लोकसभा क्षेत्र से धर्मेंद्र यादव सांसद चुने गए थे। इस लहर में भी बदायूं का किला सपा बचाने में कामयाब हो गई थी।
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इसके बाद वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान सपा एक सीट तक सिमट गई। फिर दो साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा के खाते में सहसवान, बिसौली और शेखूपुर विधानसभा सीट पहुंच गई। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भी सपा ने यहां से जीत दर्ज की और आदित्य यादव सांसद बने, लेकिन अब सहकारी गन्ना विकास समिति के चुनाव में एक बार फिर सपा ने सरेंडर कर दिया।
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पूरे जिले से 100 सदस्य बनाए गए, लेकिन इसमें एक भी सदस्य सपा का नहीं था। इसके बाद 10 संचालक सदस्य के लिए चुनाव हुआ, लेकिन इसमें भी सपा ने सरेंडर कर दिया और यह सभी भाजपा के निर्विरोध निर्वाचित हो गए। बृहस्पतिवार को जिले में सभापति और उपसभापति का चुनाव हुआ, लेकिन सपा ने इसमें भी सरेंडर करते हुए कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। ऐसे में भाजपा के वेदप्रकाश सिंह राठौर सभापति और सुरजीव गुप्ता उपसभापति निर्विरोध ही निर्वाचित हो गए।
गन्ना विकास समिति के चेयरमैन बने वेद प्रकाश सिंह
बदायूं। सहकारी गन्ना विकास समिति चुनाव के दौरान वेद प्रकाश सिंह राठौर को सभापति और सुरजीव गुप्ता को उपसभापति चुना गया। दूसरा कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं होने के चलते सभापति और उपसभापति को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। चुनाव की सभी प्रक्रिया चुनाव आयोग की ओर से नामित चुनाव अधिकारी एसडीएम सहसवान प्रेमपाल सिंह के निर्देशन में हुआ। सभी संचालक सदस्यों, सभापति, उप सभापति को भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, विधायक हरीश शाक्य, जिला सहकारी संघ अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह ने प्रमाण पत्र वितरित किए। संवाद

वेद प्रकाश सिंह राठौर सभापति