{"_id":"675a879df62da5821e05d8cc","slug":"six-days-have-passed-since-the-incident-yet-the-grill-and-net-have-not-been-installed-badaun-news-c-123-1-sbly1018-130842-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: घटना को बीत गए छह दिन, फिर भी नहीं लगी ग्रिल और जाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: घटना को बीत गए छह दिन, फिर भी नहीं लगी ग्रिल और जाली
विज्ञापन
बदायूं। खिड़की से कूदकर आत्महत्या करने के मामले में जांच केवल स्टाफ से पूछताछ तक ही सीमित होकर रह गई है। इस वर्ष अब तक तीन मरीज खिड़की से कूदकर आत्महत्या कर चुके है। इसके बाद भी अब तक खिड़कियों पर ग्रिल और जाली लगाने का काम शुरू नहीं हुआ है।
संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के गांव हथियावली निवासी सुभाष टीबी से पीड़ित थे। वह मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर बने टीबी वार्ड में भर्ती थे। छह दिसंबर को सुबह करीब आठ बजे सुभाष ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, इससे वह प्रथम तल की पक्की जमीन पर आकर गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
मौत के बाद पिता ने डॉक्टर व स्टाफ को दोषी ठहराते हुए इलाज न करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि इस मामले में जांच होगी और दोषी पाए जाने पर स्टाफ पर कार्रवाई होगी, लेकिन जांच केवल पूछताछ तक ही सीमित रही।
विज्ञापन
यही नहीं अब तक खिड़कियों पर ग्रिल और जाली लगाने का काम भी शुरू नहीं हुआ। हालांकि प्राचार्य ने उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को पत्र लिखकर ग्रिल और जाली लगाने की मांग 6 दिसंबर को ही की थी।
-- जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक मरम्मत कराने की जिम्मेदारी निर्माण निगम की है। उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को पत्र लिखकर ग्रिल और जाली लगाने के लिए कहा गया है।
- डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के गांव हथियावली निवासी सुभाष टीबी से पीड़ित थे। वह मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर बने टीबी वार्ड में भर्ती थे। छह दिसंबर को सुबह करीब आठ बजे सुभाष ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, इससे वह प्रथम तल की पक्की जमीन पर आकर गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
विज्ञापन
मौत के बाद पिता ने डॉक्टर व स्टाफ को दोषी ठहराते हुए इलाज न करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि इस मामले में जांच होगी और दोषी पाए जाने पर स्टाफ पर कार्रवाई होगी, लेकिन जांच केवल पूछताछ तक ही सीमित रही।
विज्ञापन
यही नहीं अब तक खिड़कियों पर ग्रिल और जाली लगाने का काम भी शुरू नहीं हुआ। हालांकि प्राचार्य ने उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को पत्र लिखकर ग्रिल और जाली लगाने की मांग 6 दिसंबर को ही की थी।
- डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज