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Budaun News: फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह में शामिल बदायूं का शेर सिंह भी गिरफ्तार
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बदायूं। दिल्ली में दाखिले के लिए फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में यहां सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे शेर सिंह सोलंकी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके अलावा आठ अन्य आरोपियों को भी पकड़ा है। आरोपियों पर फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र तैयार कराने और इस काम में मिलीभगत करने का आरोप है।
पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने बदायूं के सीएमओ कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की थी। इस दौरान दिव्यांग बोर्ड के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। जांच के दौरान दिव्यांग बोर्ड में बाबू के पद पर तैनात रहे शेर सिंह सोलंकी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोप है कि ये गिरोह फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाकर छात्रों को जेबीटी, बीटेक और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में दिव्यांग श्रेणी के तहत दाखिला दिलाने में मदद करता था। इसके लिए प्रति प्रमाणपत्र 20 से 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीएमओ कार्यालय के बाबू की गिरफ्तारी के बाद इससे जुड़े अन्य बाबुओं में खलबली मची है।
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पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने बदायूं के सीएमओ कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की थी। इस दौरान दिव्यांग बोर्ड के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। जांच के दौरान दिव्यांग बोर्ड में बाबू के पद पर तैनात रहे शेर सिंह सोलंकी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
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आरोप है कि ये गिरोह फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाकर छात्रों को जेबीटी, बीटेक और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में दिव्यांग श्रेणी के तहत दाखिला दिलाने में मदद करता था। इसके लिए प्रति प्रमाणपत्र 20 से 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीएमओ कार्यालय के बाबू की गिरफ्तारी के बाद इससे जुड़े अन्य बाबुओं में खलबली मची है।
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