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Budaun News: बिना किसी चिकित्सीय डिग्री और पंजीकरण के अस्पताल खोल शुरू कर दी थी मरीजों से उगाही
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बदायूं। सहसवान में अवैध रूप से बिना चिकित्सीय डिग्री के सेवा अस्पताल नाम से अस्पताल संचालित करने वाला हर्ष यादव मूलरूप से ग्राम अकबरपुर, थाना गुन्नौर, जनपद संभल का रहने वाला है। उसके विरुद्ध कई साल पहले दूध बेचने वाले की हत्या करने के आरोप में भी केस दर्ज हुआ था।
आरोपी जिस सेवा अस्पताल को अवैध रूप से संचालित करते पकड़ा गया है, वह अस्पताल 26 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील किया था। विभाग की अनदेखी की वजह से आरोपी ने खुद सील तोड़कर फिर से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया था। दो दिन पहले जच्चा-बच्चा की मौत होने से आरोपी का भंडा फूट गया। हर्ष यादव के विरुद्ध सहसवान कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
सहसवान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सहसवान थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि सेवा अस्पताल के संचालक हर्ष यादव के चिकित्सीय प्रतिष्ठान का वैध पंजीकरण न होने के कारण पूर्व में संयुक्त प्रशासनिक एवं चिकित्सा टीम ने 25 मई 2026 को सीलिंग की कार्रवाई की थी। इस संबंध में सहसवान थाने में भी 27 मई को सूचना भेजी गई थी।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल संचालक ने बिना किसी वैध पंजीकरण व चिकित्सीय डिग्री एवं बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लिए खुद सील तोड़कर अवैध रूप से संचालन शुरू कर दिया। अस्पताल संचालक स्वयं को और अपने अवैध अस्पताल को फर्जी तरीके से पंजीकृत व योग्य दर्शाकर आम जनता व मरीजों के साथ छल व धोखाधड़ी कर अवैध रूप से धन की उगाही कर रहा था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 अक्तूबर को अपंजीकृत अस्पताल में एक गर्भवती महिला व उसके नवजात शिशु की इलाज के दौरान मृत्यु होना अत्यंत गंभीर घटना है। अस्पताल संचालक ने बिना किसी योग्यता, मानक व पंजीकरण के अस्पताल का संचालन कर मरीजों से छल किया। पुलिस ने आरोपी हर्ष यादव व इसमें संलिप्त अन्य सह आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित करने सहित कई गंभीर आरोपों में संचालक हर्ष यादव पर केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। संचालक पर हत्या के आरोप में एक पुराना भी मामला दर्ज है। उसकी भी जांच कराई जा रही है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। - अशोक कुमार सिंह, सीओ सहसवान
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आरोपी जिस सेवा अस्पताल को अवैध रूप से संचालित करते पकड़ा गया है, वह अस्पताल 26 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील किया था। विभाग की अनदेखी की वजह से आरोपी ने खुद सील तोड़कर फिर से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया था। दो दिन पहले जच्चा-बच्चा की मौत होने से आरोपी का भंडा फूट गया। हर्ष यादव के विरुद्ध सहसवान कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
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सहसवान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सहसवान थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि सेवा अस्पताल के संचालक हर्ष यादव के चिकित्सीय प्रतिष्ठान का वैध पंजीकरण न होने के कारण पूर्व में संयुक्त प्रशासनिक एवं चिकित्सा टीम ने 25 मई 2026 को सीलिंग की कार्रवाई की थी। इस संबंध में सहसवान थाने में भी 27 मई को सूचना भेजी गई थी।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल संचालक ने बिना किसी वैध पंजीकरण व चिकित्सीय डिग्री एवं बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लिए खुद सील तोड़कर अवैध रूप से संचालन शुरू कर दिया। अस्पताल संचालक स्वयं को और अपने अवैध अस्पताल को फर्जी तरीके से पंजीकृत व योग्य दर्शाकर आम जनता व मरीजों के साथ छल व धोखाधड़ी कर अवैध रूप से धन की उगाही कर रहा था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 अक्तूबर को अपंजीकृत अस्पताल में एक गर्भवती महिला व उसके नवजात शिशु की इलाज के दौरान मृत्यु होना अत्यंत गंभीर घटना है। अस्पताल संचालक ने बिना किसी योग्यता, मानक व पंजीकरण के अस्पताल का संचालन कर मरीजों से छल किया। पुलिस ने आरोपी हर्ष यादव व इसमें संलिप्त अन्य सह आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित करने सहित कई गंभीर आरोपों में संचालक हर्ष यादव पर केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। संचालक पर हत्या के आरोप में एक पुराना भी मामला दर्ज है। उसकी भी जांच कराई जा रही है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। - अशोक कुमार सिंह, सीओ सहसवान