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शिलान्यास के चार माह बाद भी शुरू नहीं हो सका सीवर लाइन का काम
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शहर की सड़कों पर इस तरह होता है जलभराव। फाइल फोटो।
- फोटो : BADAUN
बदायूं। शिलान्यास के चार महीने बाद भी शहर में सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू नहीं हो सका है। शेखूपुर रोड पर सोत नदी किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट लगाने के लिए अभी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। हालांकि यहां 2.50 हेक्टेयर भूमि के लिए संबंधित किसान पहले ही सहमति पत्र दे चुके हैं। प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार आने के बाद उम्मीद थी कि सीवर लाइन का काम तेजी से होगा, लेकिन उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री व शहर विधायक महेश गुप्ता की पहल पर शासन ने दिसंबर 2021 में शहर में सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दी थी। इसके लिए पहले चरण में शेखूपुर रोड पर सोत नदी किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट लगाने के साथ अवरोध और बहाव परिवर्तन नाला (आईएंडडी) का काम होना है। दूसरे चरण में करीब 185 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम होगा। पूरी परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। चुनाव आचार संहिता चालू होने से पहले जनवरी के पहले सप्ताह में शासन ने पहले चरण का काम कराने के लिए 41.67 करोड़ का बजट स्वीकृत करने के साथ 2.50 करोड़ जारी भी कर दिए थे।
मुख्यमंत्री ने आचार संहिता से पहले परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास कर दिया। स्थानीय स्तर पर शिलान्यास की औपचारिकता आठ जनवरी को नगर पालिका में डीएम दीपा रंजन की मौजूदगी में महेश गुप्ता, चेयरमैन दीपमाला गोयल आदि ने की। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी हुए दो और शिलान्यास को चार महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सीवर लाइन का काम चालू नहीं हो सका है। हालांकि, आचार संहिता से पहले शिलान्यास का मकसद था कि आचार संहिता के दौरान भी काम शुरू कराने में कोई समस्या न हो।
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...तो क्या चुनावी स्टंट तो नहीं था सीवर लाइन का वादा
- दरअसल शहर में सीवर लाइन की मांग तकरीबन दो दशक से की जा रही है। बारिश के दिनों में शहर के नाले चोक होते हैं और आधे से ज्यादा शहर तालाब बन जाता है। समस्या के निदान के लिए लोग काफी समय से इसकी मांग करते आ रहे थे लेकिन हर बार जनप्रतिनिधियों द्वारा वायदे किए जाते रहे। चुनाव से पहले सीवर लाइन बनवाने का शोर काफी तेजी से उठा, लेकिन चुनाव निकल जाने के बाद फिर वही स्थिति आ गई। लोगों का कहना है कि कहीं यह नेताओं का चुनावी स्टंट तो नहीं था।
- पिछले दिनों हम नगर विकास राज्यमंत्री से मिले थे। उनसे इस प्रोजेक्ट के बारे में बात की थी, जल्द ही इसमें काम तेजी से होगा। जलनिगम की ओर इसका काम कराया जाना है। उनके एक्सईएन से भी बात की है।
-महेश चंद्र गुप्ता, सदर विधायक
- नगर पालिका की ओर से सीवर लाइन का प्रस्ताव पास किया गया है, लेकिन इसका प्रोजेक्ट जलनिगम के पास है। उन्होंने अभी तक पालिका से संपर्क नहीं किया है। फिलहाल काम चल रहा है या रुका है, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
-दीपमाला गोयल, नगर पालिका अध्यक्ष
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तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री व शहर विधायक महेश गुप्ता की पहल पर शासन ने दिसंबर 2021 में शहर में सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दी थी। इसके लिए पहले चरण में शेखूपुर रोड पर सोत नदी किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग सेट लगाने के साथ अवरोध और बहाव परिवर्तन नाला (आईएंडडी) का काम होना है। दूसरे चरण में करीब 185 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम होगा। पूरी परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। चुनाव आचार संहिता चालू होने से पहले जनवरी के पहले सप्ताह में शासन ने पहले चरण का काम कराने के लिए 41.67 करोड़ का बजट स्वीकृत करने के साथ 2.50 करोड़ जारी भी कर दिए थे।
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मुख्यमंत्री ने आचार संहिता से पहले परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास कर दिया। स्थानीय स्तर पर शिलान्यास की औपचारिकता आठ जनवरी को नगर पालिका में डीएम दीपा रंजन की मौजूदगी में महेश गुप्ता, चेयरमैन दीपमाला गोयल आदि ने की। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी हुए दो और शिलान्यास को चार महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सीवर लाइन का काम चालू नहीं हो सका है। हालांकि, आचार संहिता से पहले शिलान्यास का मकसद था कि आचार संहिता के दौरान भी काम शुरू कराने में कोई समस्या न हो।
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...तो क्या चुनावी स्टंट तो नहीं था सीवर लाइन का वादा
- दरअसल शहर में सीवर लाइन की मांग तकरीबन दो दशक से की जा रही है। बारिश के दिनों में शहर के नाले चोक होते हैं और आधे से ज्यादा शहर तालाब बन जाता है। समस्या के निदान के लिए लोग काफी समय से इसकी मांग करते आ रहे थे लेकिन हर बार जनप्रतिनिधियों द्वारा वायदे किए जाते रहे। चुनाव से पहले सीवर लाइन बनवाने का शोर काफी तेजी से उठा, लेकिन चुनाव निकल जाने के बाद फिर वही स्थिति आ गई। लोगों का कहना है कि कहीं यह नेताओं का चुनावी स्टंट तो नहीं था।
- पिछले दिनों हम नगर विकास राज्यमंत्री से मिले थे। उनसे इस प्रोजेक्ट के बारे में बात की थी, जल्द ही इसमें काम तेजी से होगा। जलनिगम की ओर इसका काम कराया जाना है। उनके एक्सईएन से भी बात की है।
-महेश चंद्र गुप्ता, सदर विधायक
- नगर पालिका की ओर से सीवर लाइन का प्रस्ताव पास किया गया है, लेकिन इसका प्रोजेक्ट जलनिगम के पास है। उन्होंने अभी तक पालिका से संपर्क नहीं किया है। फिलहाल काम चल रहा है या रुका है, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
-दीपमाला गोयल, नगर पालिका अध्यक्ष