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Budaun News: हत्या के प्रयास में दोषी को सात साल कारावास की सजा
Tue, 03 Sep 2024 05:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 03 Sep 2024 05:09 AM IST
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बदायूं। हत्या के प्रयास के 14 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने युवक को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज निवासी जगदीश ने 27 जनवरी 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अपने भांजे अनिल कुमार के साथ बाइक से गांव घारमपुर से कथा की दावत खा कर गांव लौट रहा था। शाम करीब सात बजे रामडांडी के पास बिना नंबर की एक बाइक खड़ी थी। जिसमें बाइक टकरा गई। इसी पर कुंवरगांव के गांव बर्खिन निवासी श्याम पाल, रामसेवक और राम नरेश उर्फ बन्ने ने घेर लिया।
इतना कहकर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया। विवेचना शुरू कर दी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। रामसेवक और राम नरेश को नाबालिग मान कर उनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। श्याम पाल का ही विचारण न्यायालय ने किया । सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया तथा एडीजीसी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद श्याम पाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। संवाद
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वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज निवासी जगदीश ने 27 जनवरी 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अपने भांजे अनिल कुमार के साथ बाइक से गांव घारमपुर से कथा की दावत खा कर गांव लौट रहा था। शाम करीब सात बजे रामडांडी के पास बिना नंबर की एक बाइक खड़ी थी। जिसमें बाइक टकरा गई। इसी पर कुंवरगांव के गांव बर्खिन निवासी श्याम पाल, रामसेवक और राम नरेश उर्फ बन्ने ने घेर लिया।
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इतना कहकर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया। विवेचना शुरू कर दी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। रामसेवक और राम नरेश को नाबालिग मान कर उनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। श्याम पाल का ही विचारण न्यायालय ने किया । सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया तथा एडीजीसी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद श्याम पाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। संवाद
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