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Budaun News: सील किए गए अस्पतालों का फिर शुरू किया गया संचालन
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दातागंज में सील के बाद संचालित हो रहा अस्पताल। संवाद
- फोटो : संवाद
बदायूं। पिछले दिनों जच्चा बच्चा की मौत के बाद सील किए गए उझानी के तीन अस्पतालों का फिर से संचालन शुरू हो गया है। ऐसे ही शहर के नवादा, कुवंरगांव रोड और दातागंज कस्बे के सील अस्पताल फिर से शुरू कर दिए गए हैं। जिले में 148 अस्पताल व नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, लेकिन छह से अधिक अस्पताल गली मोहल्लों में चल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 685 झोलाछाप हैं। पिछले साल स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है। कार्रवाई के नाम पर महज 20-25 झोलाछाप पर ही शिकंजा कसा गया। इसके अलावा पंजीकृत अस्पताल व क्लीनिक 148 है। जिले में 17 सीएचसी व 43 पीएचसी हैं। इनके अधीक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में कहीं भी झोलाछाप डॉक्टर दुकानें न चलाए।
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उझानी में सील अस्पताल फिर से संचालित
उझानी कस्बे में आशा नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सील कर दिया, लेकिन अब वह संचालित हो रहा है। इसी तरह आशीर्वाद और सत्यम नर्सिंग होम भी शुरू करा दिया गया है।
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पांच महीने बाद संचालित करा दिया अस्पताल
17 जनवरी को दातागंज के मोहल्ला अरेला में शिवओम अस्पताल व मोहल्ला परा में इलमा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र समेत चार अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होने की शिकायत पर सील कर दिए गए थे। अब पांच महीने के बाद विभाग के ही जिम्मेदारों ने अस्पताल संचालकों से सांठगांठ कर फिर से संचालित करा दिए हैं।
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एक महीने में ही खुल गया
सिविल लाइंस थाना के कुंवरगांव रोड पर स्थित केएलबी अस्पताल काे जून के महीने में बिना पंजीकरण के संचालित होते विभाग के अधिकारियों ने पकड़ लिया। अस्पताल को सील कराया था, लेकिन अब एक महीने में उसको फिर से शुरू करा दिया गया है।
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नाम बदलकर शुरू करा दिया
नवादा चौकी के पास ही न्यू आपोलो नाम से संचालित अस्पताल करीब तीन महीने पहले चलता मिला था। मई में विभाग ने इस अस्पताल को सील कर दिया था। अब नाम बदलकर उसी स्थान पर सिटी केयर के नाम से अस्पताल को संचालित कर दिया है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
कोट,
- बिना पंजीकरण अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई है। इनको किसी कीमत पर संचालित नहीं होने दिया जाएगा। सील किए गए अस्पताल अगर संचालित हो रहे हैं तो गंभीर मामला है। इनकी जांच कराके कार्रवाई की जाएगी। इस धंधे में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 685 झोलाछाप हैं। पिछले साल स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है। कार्रवाई के नाम पर महज 20-25 झोलाछाप पर ही शिकंजा कसा गया। इसके अलावा पंजीकृत अस्पताल व क्लीनिक 148 है। जिले में 17 सीएचसी व 43 पीएचसी हैं। इनके अधीक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में कहीं भी झोलाछाप डॉक्टर दुकानें न चलाए।
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उझानी में सील अस्पताल फिर से संचालित
उझानी कस्बे में आशा नर्सिंग होम में जच्चा बच्चा की मौत के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सील कर दिया, लेकिन अब वह संचालित हो रहा है। इसी तरह आशीर्वाद और सत्यम नर्सिंग होम भी शुरू करा दिया गया है।
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पांच महीने बाद संचालित करा दिया अस्पताल
17 जनवरी को दातागंज के मोहल्ला अरेला में शिवओम अस्पताल व मोहल्ला परा में इलमा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र समेत चार अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होने की शिकायत पर सील कर दिए गए थे। अब पांच महीने के बाद विभाग के ही जिम्मेदारों ने अस्पताल संचालकों से सांठगांठ कर फिर से संचालित करा दिए हैं।
एक महीने में ही खुल गया
सिविल लाइंस थाना के कुंवरगांव रोड पर स्थित केएलबी अस्पताल काे जून के महीने में बिना पंजीकरण के संचालित होते विभाग के अधिकारियों ने पकड़ लिया। अस्पताल को सील कराया था, लेकिन अब एक महीने में उसको फिर से शुरू करा दिया गया है।
नाम बदलकर शुरू करा दिया
नवादा चौकी के पास ही न्यू आपोलो नाम से संचालित अस्पताल करीब तीन महीने पहले चलता मिला था। मई में विभाग ने इस अस्पताल को सील कर दिया था। अब नाम बदलकर उसी स्थान पर सिटी केयर के नाम से अस्पताल को संचालित कर दिया है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
कोट,
- बिना पंजीकरण अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई है। इनको किसी कीमत पर संचालित नहीं होने दिया जाएगा। सील किए गए अस्पताल अगर संचालित हो रहे हैं तो गंभीर मामला है। इनकी जांच कराके कार्रवाई की जाएगी। इस धंधे में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

दातागंज में सील के बाद संचालित हो रहा अस्पताल। संवाद- फोटो : संवाद

दातागंज में सील के बाद संचालित हो रहा अस्पताल। संवाद- फोटो : संवाद

दातागंज में सील के बाद संचालित हो रहा अस्पताल। संवाद- फोटो : संवाद