फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   scam

संग्रामपुर में महिलाओं ने घेरा डाकघर, जांच टीम खिसकी

Mon, 09 Dec 2019 06:54 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 06:54 PM IST
विज्ञापन
scam
दबतोरी (बदायूं)। संग्रामपुर डाकघर में डाकपाल द्वारा किए गए 50 लाख से ज्यादा के घोटाले के मामले में जांच के नाम पर ली गई पासबुकें वापस नहीं करने से गुस्साईं महिलाओं ने यहां डाकघर को घेर लिया। इससे यहां हंगामा हो गया। महिलाओं के आने की सूचना मिलने पर जांच टीम के अधिकारी वहां से खिसक लिए। जांच अधिकारियों ने मुख्य जांच अधिकारी को रिपोर्ट दी है कि अब कोई भी पुलिस के बिना गांव में जांच को नहीं जाए।
विज्ञापन

तहसील बिसौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव संग्रामपुर में डाकपाल राजू ने सैकड़ों ग्राहकों की रकम लेने के बाद उनके खातों में जमा नहीं की। उल्टे फर्जी खातों के जरिए उनकी 50 लाख से ज्यादा की धनराशि अपने खाते में हस्तांतरित करा ली। इस घोटाले का खुलासा होने के बाद कई विभागीय कर्मचारी शक के घेरे में आ गए। हालांकि घोटाले का आरोपी डाकपाल राजू निलंबित किया जा चुका है, मगर उसके खिलाफ अभी रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। इस मामले की जांच सहसवान-बिसौली के निरीक्षण अधिकारी सतीश कुमार मीणा के निर्देशन में तीन जांच अधिकारी जो विभाग में ओवरसीयर के पद पर तैनात हैं, कर रहे हैं। सोमवार को गांव संग्रामपुर में इस बात की मुनादी होनी थी कि जो भी ग्राहक ऐसे बचे हैं जिनकी पासबुकों की जांच नहीं हुई है, वे पासबुकें जांच अधिकारियों को उपलब्ध करा दें। इन जांच अधिकारियों ने रविवार को भी बिसौली डाकघर में रहकर जांच पड़ताल की थी। सोमवार को जांच अधिकारी कृपाल सिंह, मुख्यतार अहमद और प्रमोद कुमार गांव पहुंचे। उनके आने की खबर उन महिलाओं को भी लग गई जिनकी पासबुकें जांच के नाम पर काफी दिन पहले जांच अधिकारी ने ली थीं और अभी तक वापस नहीं कीं। ऐसे मेें महिलाओं ने यहां आकर हंगामा शुरू कर दिया। बताते हैं कि महिलाओं के आने की सूचना किसी ने जांच अधिकारियों को पहले ही दे दी थी, जिससे वे वहां से पहले ही खिसक लिए। बताते हैं कि कुछ महिलाओं के हाथों में डंडे भी थे, जिन्हें देखकर जांच अधिकारियों ने वहां से जाना ही मुनासिब समझा।
विज्ञापन


एक जांच अधिकारी पर उठ रहे हैं सवाल-
-जांच टीम में शामिल एक जांच अधिकारी पर महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने ही जांच के नाम पर उनकी पासबुकें लीं थीं, जो आज तक वापस नहीं कीं हैं। महिलाओं का कहना था कि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी घोटालेबाज से मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यदि समय रहते सूचना नहीं मिलती तो पता नहीं महिलाएं जांच टीम के साथ क्या सलूक करतीं। जानकारी मिली थी कि महिलाएं आ रही हैं, इसलिए वहां से चले आए। पूरे मामले से मुख्य जांच अधिकारी सतीश कुमार मीणा को भी अवगत करा दिया है। कहा है कि अब बिना पुलिस के जांच को न जाएं।

कृपाल सिंह, जांच अधिकारी

यदि किसी खाते से 20 लाख का लेनदेन हो रहा है तो संबंधित अधिकारी को गंभीरता से लेना चाहिए था। तब शायद यह मामला पहले ही खुल जाता। कुछ लोगों की लापरवाही अवश्य रही है। जैसे, नाधा घोटाले की मुझे जानकारी मिली तो मैंने संबंधित डाकपाल का पासवर्ड बंद कर दिया था। नाधा मामले की भी जांच करा रहे हैं।
अमरदीप शुक्ला, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक प्रबंधक, बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed