फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   roadways

ठंड में बड़ा मुश्किल है रोडवेज की खटारा बसों से सफर करना

Sat, 07 Dec 2019 02:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 02:16 AM IST
विज्ञापन
roadways
बदायूं। ठंड हो या गर्मी, रोडवेज बसों से सफर हमेशा मुश्किल भरा रहा है। गर्मी में लू के थपेड़ों से बुरा हाल था तो अब सर्दी में ठंडी हवाओं में ठिठुरना पड़ रहा है। कारण बन रहा है अधिकतर बसों के टूटे हुए शीशे। यात्रियों के लिए सिर्फ यही दिक्कत नहीं है बल्कि जोखिम भी भरपूर है, क्योंकि अधिकतर बसों में फॉग लाइट भी नहीं है। अब घना कोहरा शुरू हो गया तो दिक्कतें होना लाजमी है।
विज्ञापन

बदायूं डिपो के बेड़े में 126 बसें हैं। जबकि कई अन्य डिपों की बसें भी यहां से होकर गुजरती हैं। सबसे अधिक बसें दिल्ली रूट को दौड़ती हैं। बदायूं से बरेली को भी 24 घंटे बस सेवा है। इनमें लंबे रूट की ज्यादातर बसों में फॉग लाइट नहीं हैं। शीशे टूटे होने से रात में मुसाफिरों ठंडी हवा में बैठना पड़ता है। अब जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। रात में यात्री चादरें लपेटकर सीटों पर बैठे नजर आते हैं। बस चालकों के अनुसार अन्य वाहनों की तुलना में बसों की रोशनी वैसे ही कम रहती है। रात में कोहरा होने पर तो कुछ नजर ही नहीं आता है। सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी पड़ने पर तो बिल्कुल ही दिखाई नहीं देता है। कई बसों के वाइपर भी नहीं हैं। ज्यादातर बसों के वाइपर की रबर घिस गई है। इससे कांच साफ नहीं हो पाता है। सर्दी में कोहरे के चलते कांच को बार बार साफ करना होता है। कई बार बस रोककर कपड़े से कांच को साफ करना पड़ता है। अधिकांश बसों पर लगे रिफ्लेक्टर भी छूट चुके हैं, जबकि कोहरे में भी इनकी जरूरत होती है।
विज्ञापन

सर्दी में सफर कट जाए तो गनीमत
- बदायूं डिपो कई बसों में आधे अधूरे शीशे लगे हैं। दो शीशों की जगह एक ही शीशा लगा है, जिनसे सर्द हवा अंदर तक ठंड घुसा देती हैै। इन बसों में दिन में ही सफर करना दुश्वार हो जाता है, रात में तो यात्रियों की मानों शामत ही आ जाती है। जैसे तैसे यात्री अपना सफर काटते हैं। इसके अलावा जिन बसों में शीशे पूरे भी हैं तो उनकी बीच की रबर इतनी खराब हो चुकी है कि खिड़कियां पूरी तरह बंद नहीं हो पाती तथा सफर के दौरान अपने आप खुलती रहती हैं। यात्री इन्हें बंद करते-करते थक जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्कशॉप में उपलब्ध फॉग लाइटें बसों में लगवाई जा रही हैं। इसके अलावा फॉग लाइट की डिमांड भी भेजी जा चुकी है। बसों में टूटे शीशों समेत अन्य खामियों को भी सही कराया जा रहा है।
जुगेंद्रपाल सिंह, फोरमैन, बदायूं डिपो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed