{"_id":"6217df558708b9043715c650","slug":"road-badaun-news-bly4765036163","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव से पहले खोदी गईं सड़कें बन गईं हैं परेशानी का सबब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव से पहले खोदी गईं सड़कें बन गईं हैं परेशानी का सबब
विज्ञापन
गद्दी चौक से पनबड़िया जाने वाले सड़क की दुर्दशा, रोजाना ऐसे गिरते हैं बाइक सवार। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। शहर की सड़कों के जख्म लोगों को अब दर्द दे रहे हैं। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले आनन-फानन में वर्क आर्डर जारी कराकर कई सड़कों का निर्माण चालू करा दिया था, लेकिन निर्माण के नाम पर सड़कों को खोदकर डाल दिया गया है। सड़कें उखड़े हुए एक महीने से ज्यादा वक्त हो चुका है, अब यह सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गईं हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले शहर में टूटी सड़कें और गंदगी मुद्दा थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने जनता के आरोपों को नकारने का काम किया। चुनाव आचार संहिता लागू होने से ऐन पहले सड़कों की मरम्मत का काम चालू कराया गया। रातों-रात शहर में कई प्रमुख सड़कों को मरम्मत कर दुरुस्त भी कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी तमाम सड़कें आज भी उखड़ी पड़ी हैं। गड्ढा युक्त सड़कें लोगों को जख्म दे रहीं हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहर में गद्दी चौक से पनबड़िया की ओर जाने वाली रोड की है।
सड़क खोदकर डाल देने के कारण यहां मलबा पड़ा हुआ है। लोग ठोकरें खाकर चुटैल हो रहे हैं। इस कारण आस-पास के दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पनबड़िया के कई लोगों ने गंदगी और टूटी सड़कों के विरोध में मतदान का बहिष्कार भी किया था।
विज्ञापन
दूसरी ओर शहर में नई सराय कच्ची लीक से बरेली रोड की ओर जाने वाली सड़क की भी दुर्दशा है। यहां काम ही शुरू नहीं हुआ है। काली सड़क से बिरुआबाड़ी मंदिर होते हुए बरेली रोड जाने वाली सड़क पर भी काम शुरू कराने के बाद रोक दिया गया है। इस कारण यहां भी समस्या होती है।
सोत पर पुल बन गया पर पनबड़िया में पुलिया आज भी अधूरी
शहर में गांधी ग्राउंड शिव मंदिर से पनबड़िया बिजली उपकेंद्र की ओर जाने वाली सड़क पर पुलिस का निर्माण करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। गौर करने वाली बात यह है कि इन दो साल में बाईपास पर सोत नदी पर पुल का निर्माण तो पूरा हो गया और इस पुल को यातायात के लिए खोल भी दिया गया, लेकिन शहर में पनबड़िया बिजली उपकेंद्र के पास एक नाले पर पुलिस का निर्माण दो साल में भी पूरा नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों की शिकायतों को नगर पालिका, अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों ने भी नजरअंदाज करने का काम किया है।
लोगों ने कहा-होती है दिक्कत, कब होगा परेशानी का निदान
पांच साल में एक बार भी किसी का ध्यान गद्दी चौक से पनबडिया जाने वाले रोड पर नहीं गया। आचार संहिता लागू होने से करीब एक महीने पहले सड़क को खोदकर डाल दिया गया। काम रुका हुआ है। इससे काफी समस्या होती है। अक्सर लोग गिरकर चुटैल हो रहे हैं।
-असीम
गद्दी चौक से पनबड़िया तक जाने वाली रोड के कारण यहां व्यापार ठप हो गए हैं। दुकानदार परेशान हैं। पहले भी बिना बारिश के टूटी सड़क पर पानी भरा रहता था। अब सड़क को खोदकर डाल दिए जाने के बाद हालात और भी खराब हो गए हैं। पूरी तरह से मनमानी हो रही है।-रामाशंकर
गांधी ग्राउंड से पनबड़िया बिजली उपकेंद्र के लिए जाने वाली सड़क पर पुलिया का निर्माण करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। अब तक निर्माण पूरा नहीं हो सका है। नगर पालिका की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा इलाके के लोग दो साल से उठा रहे हैं।
-नवीन
विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले स्थानीय लोगों ने पनबड़िया में जनसंपर्क करने आए नगर विकास राज्यमंत्री से भी शिकायत की थी। उन्होंने कुछ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर काम जल्द पूरा कराने को भी कहा था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है।
-आकाश
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले शहर में टूटी सड़कें और गंदगी मुद्दा थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने जनता के आरोपों को नकारने का काम किया। चुनाव आचार संहिता लागू होने से ऐन पहले सड़कों की मरम्मत का काम चालू कराया गया। रातों-रात शहर में कई प्रमुख सड़कों को मरम्मत कर दुरुस्त भी कर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी तमाम सड़कें आज भी उखड़ी पड़ी हैं। गड्ढा युक्त सड़कें लोगों को जख्म दे रहीं हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहर में गद्दी चौक से पनबड़िया की ओर जाने वाली रोड की है।
विज्ञापन
सड़क खोदकर डाल देने के कारण यहां मलबा पड़ा हुआ है। लोग ठोकरें खाकर चुटैल हो रहे हैं। इस कारण आस-पास के दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पनबड़िया के कई लोगों ने गंदगी और टूटी सड़कों के विरोध में मतदान का बहिष्कार भी किया था।
विज्ञापन
दूसरी ओर शहर में नई सराय कच्ची लीक से बरेली रोड की ओर जाने वाली सड़क की भी दुर्दशा है। यहां काम ही शुरू नहीं हुआ है। काली सड़क से बिरुआबाड़ी मंदिर होते हुए बरेली रोड जाने वाली सड़क पर भी काम शुरू कराने के बाद रोक दिया गया है। इस कारण यहां भी समस्या होती है।
सोत पर पुल बन गया पर पनबड़िया में पुलिया आज भी अधूरी
शहर में गांधी ग्राउंड शिव मंदिर से पनबड़िया बिजली उपकेंद्र की ओर जाने वाली सड़क पर पुलिस का निर्माण करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। गौर करने वाली बात यह है कि इन दो साल में बाईपास पर सोत नदी पर पुल का निर्माण तो पूरा हो गया और इस पुल को यातायात के लिए खोल भी दिया गया, लेकिन शहर में पनबड़िया बिजली उपकेंद्र के पास एक नाले पर पुलिस का निर्माण दो साल में भी पूरा नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों की शिकायतों को नगर पालिका, अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों ने भी नजरअंदाज करने का काम किया है।
लोगों ने कहा-होती है दिक्कत, कब होगा परेशानी का निदान
पांच साल में एक बार भी किसी का ध्यान गद्दी चौक से पनबडिया जाने वाले रोड पर नहीं गया। आचार संहिता लागू होने से करीब एक महीने पहले सड़क को खोदकर डाल दिया गया। काम रुका हुआ है। इससे काफी समस्या होती है। अक्सर लोग गिरकर चुटैल हो रहे हैं।
-असीम
गद्दी चौक से पनबड़िया तक जाने वाली रोड के कारण यहां व्यापार ठप हो गए हैं। दुकानदार परेशान हैं। पहले भी बिना बारिश के टूटी सड़क पर पानी भरा रहता था। अब सड़क को खोदकर डाल दिए जाने के बाद हालात और भी खराब हो गए हैं। पूरी तरह से मनमानी हो रही है।-रामाशंकर
गांधी ग्राउंड से पनबड़िया बिजली उपकेंद्र के लिए जाने वाली सड़क पर पुलिया का निर्माण करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। अब तक निर्माण पूरा नहीं हो सका है। नगर पालिका की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा इलाके के लोग दो साल से उठा रहे हैं।
-नवीन
विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले स्थानीय लोगों ने पनबड़िया में जनसंपर्क करने आए नगर विकास राज्यमंत्री से भी शिकायत की थी। उन्होंने कुछ अधिकारियों को मौके पर बुलाकर काम जल्द पूरा कराने को भी कहा था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है।
-आकाश