{"_id":"6a29a40abcb38f61480c0449","slug":"risk-of-dehydration-due-to-heat-surge-in-patient-numbers-at-hospitals-badaun-news-c-123-1-sbly1001-165899-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: गर्मी से डिहाइड्रेशन का खतरा, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: गर्मी से डिहाइड्रेशन का खतरा, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
Wed, 10 Jun 2026 11:21 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लाइन। संवाद
बदायूं। जिले में भीषण गर्मी लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, इसके चलते डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों तक चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द, बेचैनी और बेहोशी जैसी शिकायतों वाले मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में लगातार पानी और जरूरी लवण बाहर निकल रहा हैं, इस वजह से अधिकांश लोग उसकी भरपाई नहीं कर पा रहे हैं। यही लापरवाही डिहाइड्रेशन का कारण बन रही है।
जिला अस्पताल के डॉ. एसएम कमल ने कहा कि डिहाइड्रेशन केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि शरीर के संतुलन को बिगाड़ने वाली गंभीर स्थिति है। समय रहते उपचार न मिलने पर रक्तचाप प्रभावित हो सकता है, किडनी पर असर पड़ सकता है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धूप में लंबे समय तक काम करने वाले श्रमिकों को है। डॉक्टर का कहना है कि कई मरीज ऐसे भी पहुंच रहे हैं, जिनकी हालत काफी बिगड़ने के बाद अस्पताल लाई जा रही है।
जिले में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने और दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल के डॉ. एसएम कमल ने कहा कि डिहाइड्रेशन केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि शरीर के संतुलन को बिगाड़ने वाली गंभीर स्थिति है। समय रहते उपचार न मिलने पर रक्तचाप प्रभावित हो सकता है, किडनी पर असर पड़ सकता है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धूप में लंबे समय तक काम करने वाले श्रमिकों को है। डॉक्टर का कहना है कि कई मरीज ऐसे भी पहुंच रहे हैं, जिनकी हालत काफी बिगड़ने के बाद अस्पताल लाई जा रही है।
विज्ञापन
जिले में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने और दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
विज्ञापन