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अधिकार बहाली की जुगत में जुटे सीएमओ

Mon, 06 Jul 2015 08:11 PM IST
badaun
badaun Updated Mon, 06 Jul 2015 08:11 PM IST
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भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना अधिकार बहाली के लिए सफेदपोशों के चक्कर काट रहे हैं। निजी डॉक्टर्स से नर्सिंगहोम के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूवल के नाम पर वसूली करने के आरोप में शासन ने सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना और डिप्टी सीएमओ डॉ. बीपी सिंह को बदायूं से हटाकर एडी हेल्थ बरेली के कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। 23 जून को शासन ने सीएमओ का तबादला रोक दिया। हालांकि उनकी पॉवर पर रोक लगा दी थी। अब सीएमओ अधिकार बहाली के जुगत में हैं। ओवरब्रिज के लोकार्पण के दौरान सीएमओ एक सफेदपोश के इर्द-गिर्द घूमते हुए नजर आए।

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जिले में सीएमओ के कहने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने नर्सिंगहोम संचालकों से अवैध वसूली की थी। शहर विधायक आबिद रजा से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इसकी शिकायत की थी। विधायक ने डॉक्टरों से ली गई घूस वापस कराई थी। शासन ने मामले का संज्ञान लेकर सीएमओ और डिप्टी सीएमओ को हटा दिया था। बाद में सीएमओ ने अपना तबादला रुकवा लिया। हालांकि शासन ने सीएमओ के अधिकारों पर पाबंदी लगा दी थी। सीएमओ डॉॅ. दीपक सक्सेना को 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होना है। इससे पहले वह अपने अधिकारों को बहाल कराने की जुगत में जुटे हुए हैं।
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नर्सिंगहोम संचालकों से वसूले लाखों
बदायूं। सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना, डिप्टी सीएमओ डॉ. बीपी सिंह की जुगलबंदी ने निजी डॉक्टर्स को काफी परेशान किया था। रजिस्ट्रेशन के नाम पर डॉक्टर्स से 10-10 हजार रुपये की वसूली हुई। बाद में शहर विधायक आबिद रजा ने वसूले गए 1.50 लाख रुपये वापस कराए। आईएमए ने यह रकम नेपाल भूकंप पीड़ितों को दान दे दी थी। इसी मामले में सीएमओ और डिप्टी सीएमओ पर कार्रवाई का चाबुक चला था।
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आयुष डॉक्टर्स की सूची बनी पेंच
बदायूं। जिले में 18 आयुष डॉक्टरों की एनएचएम के तहत संविदा पर नियुक्ति होनी है। इनके लिए इंटरव्यू फरवरी में हो चुके हैं। अब तक सूची चस्पा नहीं हुई है। हालांकि यह सूची चस्पा होने से पहले ही लीक हो गई थी। सूत्रों की मानें तो इसमें बड़ा खेल हुआ है। सीएमओ की भूमिका सवालों के घेरे में है। खुद एडी हेल्थ सुबोध शर्मा ने यह बात स्वीकार की थी कि चार महीने बाद भी सूची चस्पा न होना गंभीर बात है। इससे जाहिर होता है कि कुछ गड़बड़ है।

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