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Budaun News: मेडिकल कॉलेज में संसाधन मौजूद फिर भी मरीज कर रहे रेफर
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राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
15 दिन में मेडिकल कॉलेज से 107 और जिला अस्पताल से 97 मरीज रेफर किए गए
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के रिकाॅर्ड में इलाज करने के सभी संसाधन मौजूद हैं, इसके बाद भी यहां से मरीजों को रेफर किया जा रहा है। शासन के आदेश के बाद भी रेफर किए जाने वाले मरीजों को लेकर कारण स्पष्ट नहीं किया जा रहा। नियमानुसार मेडिकल कॉलेज से मरीज को रेफर किया जाने पर संबंधित विभागाध्यक्ष को कारण स्पष्ट करना पड़ता है।
बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज से रोजाना औसतन सात और जिला अस्पताल से छह मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया जाता है। 15 से 31 जनवरी तक मेडिकल कॉलेज से 107 मरीजाें को अलीगढ़ और सैफई रेफर किया गया, जबकि जिला अस्पताल से इस दौरान 97 मरीजाें को मेडिकल कॉलेज और बरेली समेत हायर सेंटर रेफर किया गया। रेफर करने के दौरान समय से इलाज न मिलने पर तीन मरीजों की मौत भी हो गई।
शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या ज्यादा रही। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 2000 और जिला अस्पताल की ओपीडी में 1000-1200 मरीज पहुंचे। पिछले दिनों ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या कुछ कम हुई थी, लेकिन मौसम में बदलाव के बाद दोबारा संख्या बढ़ गई।
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तीमारदारों का दर्द
वजीरगंज क्षेत्र गांव करकटपुर निवासी सुधीर मिश्रा ने बताया कि चाचा टीकाराम को लकवा होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। डॉक्टरों ने कुछ देर में ही सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर दिया। इसी तरह आठ दिन पहले सुमन को परिवार वाले एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। कुछ ही मिनट में सुमन को सैफई रेफर कर दिया गया। तेजवती नाम की महिला ने बताया कि किडनी संबंधी समस्या पर उनके मरीज को एक घंटे में ही रेफर कर दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज से मरीज की स्थिति गंभीर होने पर ही रेफर किया जाता है। फिलहाल 100 बेड का सीसीयू बनाया जा रहा है। विशेषज्ञ डाॅक्टरों की चल रही कमी भी जल्द पूरी हो जाएगी। इसके बाद यहां से किसी मरीज को रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- डॉ.एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के रिकाॅर्ड में इलाज करने के सभी संसाधन मौजूद हैं, इसके बाद भी यहां से मरीजों को रेफर किया जा रहा है। शासन के आदेश के बाद भी रेफर किए जाने वाले मरीजों को लेकर कारण स्पष्ट नहीं किया जा रहा। नियमानुसार मेडिकल कॉलेज से मरीज को रेफर किया जाने पर संबंधित विभागाध्यक्ष को कारण स्पष्ट करना पड़ता है।
बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज से रोजाना औसतन सात और जिला अस्पताल से छह मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया जाता है। 15 से 31 जनवरी तक मेडिकल कॉलेज से 107 मरीजाें को अलीगढ़ और सैफई रेफर किया गया, जबकि जिला अस्पताल से इस दौरान 97 मरीजाें को मेडिकल कॉलेज और बरेली समेत हायर सेंटर रेफर किया गया। रेफर करने के दौरान समय से इलाज न मिलने पर तीन मरीजों की मौत भी हो गई।
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शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या ज्यादा रही। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 2000 और जिला अस्पताल की ओपीडी में 1000-1200 मरीज पहुंचे। पिछले दिनों ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या कुछ कम हुई थी, लेकिन मौसम में बदलाव के बाद दोबारा संख्या बढ़ गई।
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तीमारदारों का दर्द
वजीरगंज क्षेत्र गांव करकटपुर निवासी सुधीर मिश्रा ने बताया कि चाचा टीकाराम को लकवा होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। डॉक्टरों ने कुछ देर में ही सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर दिया। इसी तरह आठ दिन पहले सुमन को परिवार वाले एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। कुछ ही मिनट में सुमन को सैफई रेफर कर दिया गया। तेजवती नाम की महिला ने बताया कि किडनी संबंधी समस्या पर उनके मरीज को एक घंटे में ही रेफर कर दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज से मरीज की स्थिति गंभीर होने पर ही रेफर किया जाता है। फिलहाल 100 बेड का सीसीयू बनाया जा रहा है। विशेषज्ञ डाॅक्टरों की चल रही कमी भी जल्द पूरी हो जाएगी। इसके बाद यहां से किसी मरीज को रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- डॉ.एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज