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एमडीएम घोटाले में तीन कॉलेजों से होगी रिकवरी
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:33 PM IST
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रिपोर्ट के मुताबिक पार्वती आर्य कन्या इंटर कॉलेज में खाना तैयार ही नहीं होता। बच्चों को कभी-कभार ही खाना मिला है। कभी भी रोटी और सब्जी नहीं दी गई। बच्चों को दिए जाने वाला खाना एक पूर्व सभासद द्वारा बनाकर पहुंचाया जाता रहा है। जो नियमानुसार गलत है। यहां सिर्फ 40 प्रतिशत बच्चों को ही भोजन मिला है, जबकि विभाग को भेजा गया उपभोग 80 प्रतिशत तक का रहा। कॉलेज में इससे संबंधित कोई भी दस्तावेज सही नहीं पाया गया। राजाराम महिला इंटर कॉलेज में भी कोई भी दस्तावेज सही नहीं पाया गया। छात्राओं से पूछने पर पता चला कि कॉलेज में कभी-कभी पीले चावल और दलिया मिलता है। रोटी-सब्जी का वितरण कभी नहीं हुआ। अभी तक सिर्फ दो बार ही दूध वितरित किया गया है। यहां 25 प्रतिशत बच्चों के वितरण के सापेक्ष 90 प्रतिशत तक का उपभोग विभाग को भेजा गया था।
एसके इंटर कॉलेज में खाना कभी कॉलेज में नहीं बना। कॉलेज की रसोई को खुलवाकर देखा गया, तो उसमे कोई भी सामान नहीं मिला था। छात्रों से पूछने पर मालूम हुआ कि पीले चावल और दलिया कभी-कभार ही दिया गया है। दूध वितरण नहीं किया गया। यहां भी इससे संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिले थे।
मिड-डे मील की गड़बड़ी की शिकायत मेरे पास आई थी, जिसकी जांच करा ली गई है। दोनों खंड शिक्षाधिकारियों ने जांच आख्या सौंप दी है। उसमें तीनों विद्यालयों में बड़े पैमाने पर हो रही धांधली पकड़ी गई है। तीनों विद्यालयों के उपभोग पर रोक के साथ पिछले उपभोग की रिकवरी भी कराई जाएगी।
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-आनंद प्रकाश शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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एसके इंटर कॉलेज में खाना कभी कॉलेज में नहीं बना। कॉलेज की रसोई को खुलवाकर देखा गया, तो उसमे कोई भी सामान नहीं मिला था। छात्रों से पूछने पर मालूम हुआ कि पीले चावल और दलिया कभी-कभार ही दिया गया है। दूध वितरण नहीं किया गया। यहां भी इससे संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिले थे।
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मिड-डे मील की गड़बड़ी की शिकायत मेरे पास आई थी, जिसकी जांच करा ली गई है। दोनों खंड शिक्षाधिकारियों ने जांच आख्या सौंप दी है। उसमें तीनों विद्यालयों में बड़े पैमाने पर हो रही धांधली पकड़ी गई है। तीनों विद्यालयों के उपभोग पर रोक के साथ पिछले उपभोग की रिकवरी भी कराई जाएगी।
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-आनंद प्रकाश शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी