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हर दिन दर्ज हो चुनावी खर्चे का हिसाब
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:06 PM IST
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व्यय प्रेक्षक ने खंगाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च के रजिस्टर
विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के चुनावी खर्चे का रजिस्टर व्यय प्रेक्षक एम मुरली मोहन ने सहायक व्यय प्रेक्षकों तथा लेखा टीम से जांच कराया है। हालांकि प्रशासनिक स्तर से यह तो नहीं बताया गया कि व्यय प्रेक्षक ने रजिस्टरों के परीक्षण में क्या कमी पाई लेकिन उन्होंने सारे प्रत्याशियों के खर्च का नियमित रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज कराने के निर्देश दिए। कहा कि जो प्रत्याशी खर्च छुपाए, ऐसे मामले में चुनाव आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक कदम उठाया जाए। आठ एवं 13 फरवरी को भी लेखा दल द्वारा व्यय का आंकलन किया जाएगा। एक प्रत्याशी 28 लाख रुपये तक ही खर्च कर सकता है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित एडीएम वित्त एवं राजस्व के सभाकक्ष में सहायक व्यय प्रेक्षकों तथा विधानसभावार नामित लेखा दल ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन के समस्त प्रत्याशियों का लेखाजोखा चेक किया। व्यय प्रेक्षक ने खुद मौजूद रहकर चुनावी व्यय का परीक्षण कराया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार, रैली, सभाओं, वाहन, भोजन, विज्ञापन एवं पेड न्यूज आदि सहित प्रत्येक चुनाव खर्च पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रत्याशियों को खर्च का हिसाब देना होगा।
मुख्य कोषाधिकारी प्रभारी अधिकारी निर्वाचन व्यय लेखा प्रवीण कुमार त्रिपाठी एवं प्रेक्षक के लाइजन ऑफिसर संजय शर्मा के साथ व्यय प्रेक्षक ने वीडियो अवलोकन प्रकोष्ठ पहुंचकर निर्देश दिए कि सभाओं, रैलियों के आयोजन की डीवीडी, सीडी को गहनता पूर्वक देखा जाए और यह तय किया करें कि कोई चुनावी खर्च छिपाया तो नहीं जा रहा है। उन्होंने सूचना भवन स्थित मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति प्रकोष्ठ का भी निरीक्षण किया और समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापनों का निरीक्षण किया।
विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के चुनावी खर्चे का रजिस्टर व्यय प्रेक्षक एम मुरली मोहन ने सहायक व्यय प्रेक्षकों तथा लेखा टीम से जांच कराया है। हालांकि प्रशासनिक स्तर से यह तो नहीं बताया गया कि व्यय प्रेक्षक ने रजिस्टरों के परीक्षण में क्या कमी पाई लेकिन उन्होंने सारे प्रत्याशियों के खर्च का नियमित रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज कराने के निर्देश दिए। कहा कि जो प्रत्याशी खर्च छुपाए, ऐसे मामले में चुनाव आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक कदम उठाया जाए। आठ एवं 13 फरवरी को भी लेखा दल द्वारा व्यय का आंकलन किया जाएगा। एक प्रत्याशी 28 लाख रुपये तक ही खर्च कर सकता है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित एडीएम वित्त एवं राजस्व के सभाकक्ष में सहायक व्यय प्रेक्षकों तथा विधानसभावार नामित लेखा दल ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन के समस्त प्रत्याशियों का लेखाजोखा चेक किया। व्यय प्रेक्षक ने खुद मौजूद रहकर चुनावी व्यय का परीक्षण कराया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार, रैली, सभाओं, वाहन, भोजन, विज्ञापन एवं पेड न्यूज आदि सहित प्रत्येक चुनाव खर्च पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रत्याशियों को खर्च का हिसाब देना होगा।
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मुख्य कोषाधिकारी प्रभारी अधिकारी निर्वाचन व्यय लेखा प्रवीण कुमार त्रिपाठी एवं प्रेक्षक के लाइजन ऑफिसर संजय शर्मा के साथ व्यय प्रेक्षक ने वीडियो अवलोकन प्रकोष्ठ पहुंचकर निर्देश दिए कि सभाओं, रैलियों के आयोजन की डीवीडी, सीडी को गहनता पूर्वक देखा जाए और यह तय किया करें कि कोई चुनावी खर्च छिपाया तो नहीं जा रहा है। उन्होंने सूचना भवन स्थित मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति प्रकोष्ठ का भी निरीक्षण किया और समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञापनों का निरीक्षण किया।
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