बिल्सी। रिसौली गांव की मोहन पट्टी में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथावाचक रवि समदर्शी महाराज ने कहा कि संतों के संग से मन निर्मल होता है और निर्मल मन से ही भगवान के दर्शन होते हैं। वाल्मीकि जी कहते हैं जहां नियमित रामायण पाठ होता है वह स्थान तीर्थ बन जाता है। गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि रामायण कलयुग में कल्पवृक्ष है, यह चंद्र की किरणों की समान शीतलता देती है। जो लोग रामकथा गाते हैं, सुनते हैं, सुनाते हैं, वह कभी नरक में नहीं जाते हैं। इस मौके पर सतेंद्र चौहान, विष्णु गुप्ता, विकास चौहान, राहुल अग्रवाल, मोहित प्रभाकर, उत्पल सक्सेना, अरविन्द शर्मा, अखलेश, दीपेश,दीपा, अनुराधा सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद