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रावण और मेघनाद पर भी महंगाई की मार, आठ साल में लगभग दोगुने हो गए पुतलों के दाम
सार
दशहरे वाले दिन रावण और मेघनाद के पुतले का दहन शहर के गांधी ग्राउंड में किया जाता है।इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां रावण की भी प्रतिमा लगी हुई है।
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गांधी ग्राउंड में रावण पुतला बनाया जा रहा। संवाद
- फोटो : BADAUN
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विस्तार
बदायूं। दशहरे वाले दिन रावण और मेघनाद के पुतले का दहन शहर के गांधी ग्राउंड में किया जाता है। इस बार भी 40 फुट के पुतलों को मुस्लिम कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है। आठ साल पहले इन दोनों पुतलों को बनाने में जो लागत आती थी, महंगाई के कारण वह अब लगभग दोगुनी हो गई है।
शहर के गांधी ग्राउंड में श्रीरामलीला कमेटी की ओर से रामलीला कराई रही है। पांच अक्तूबर को रावण और मेघनाद वध के साथ पुतले दहन किए जाएंगे। बरेली के आंवला के मोहल्ला बजरिया नई बस्ती निवासी मोहम्मद तालिब मसूदी अपने साथियों सलमान और वसीम के साथ रावण व मेघनाद के पुतले तैयार कर रहे है।
वह बताते हैं कि हम लगातार आठ साल से रावण और मेघनाद के पुतले बनाते आ रहे हैं। आठ साल पहले दोनों पुतलों को तैयार करने में लगभग 25-26 हजार रुपये खर्च होते थे। लेकिन महंगाई की वजह से इनकी कीमत बढ़कर अब 45 से 50 हजार रुपये हो गई हैं। उन्होंने बताया कि वह रद्दी से लेकर अन्य कागज और बांस को आंवला से खरीदारी करते हैं। यहां पर आकर केवल बनाने का काम करते हैं। 40 फुट ऊंचे पुतले को बनाने में तीन दिन का समय लगता है।
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दशहरा कल, गांधी ग्राउंड में शाम को होगा पुतला दहन
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व दशहरा बुधवार को मनाया जाएगा। रामलीला ग्राउंड में रावण और मेघनाद वध की लीला के बाद उनके पुतलों का दहन होगा। इसके अलावा लोग गली-मोहल्लों में भी पुतले दहन करेंगे। गांधी ग्राउंड में इसकी तैयारी की जा रही है।
साहूकारा के मंदिर में होती है रावण की पूजा
बदायूं। शहर के मोहल्ला साहूकारा में करीब 100 साल पुराना एक मंदिर है। यहां पर शिव दरबार, भगवान विष्णु, हनुमान जी, माता काली, माता दुर्गा की प्रतिमाओं के अलावा शिवलिंग भी स्थापित है। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां रावण की भी प्रतिमा लगी हुई है। इसकी वजह यह मंदिर रावण के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। दशहरे पर जहां गांधी ग्राउंड में रावण का वध किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस मंदिर में प्रकांड विद्वान और शिवभक्त होने के नाते रावण की विधि-विधान के साथ पूजा की है। मंदिर की देखभाल रविंद्र शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि शर्मा करते हैं। उन्होंने बताया कि रावण शिवजी का परमभक्त था। हालांकि यह मंदिर रावण का नहीं है, लेकिन फिर भी तमाम लोग दशहरे पर रावण की पूजा भी करते हैं।
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शहर के गांधी ग्राउंड में श्रीरामलीला कमेटी की ओर से रामलीला कराई रही है। पांच अक्तूबर को रावण और मेघनाद वध के साथ पुतले दहन किए जाएंगे। बरेली के आंवला के मोहल्ला बजरिया नई बस्ती निवासी मोहम्मद तालिब मसूदी अपने साथियों सलमान और वसीम के साथ रावण व मेघनाद के पुतले तैयार कर रहे है।
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वह बताते हैं कि हम लगातार आठ साल से रावण और मेघनाद के पुतले बनाते आ रहे हैं। आठ साल पहले दोनों पुतलों को तैयार करने में लगभग 25-26 हजार रुपये खर्च होते थे। लेकिन महंगाई की वजह से इनकी कीमत बढ़कर अब 45 से 50 हजार रुपये हो गई हैं। उन्होंने बताया कि वह रद्दी से लेकर अन्य कागज और बांस को आंवला से खरीदारी करते हैं। यहां पर आकर केवल बनाने का काम करते हैं। 40 फुट ऊंचे पुतले को बनाने में तीन दिन का समय लगता है।
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दशहरा कल, गांधी ग्राउंड में शाम को होगा पुतला दहन
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व दशहरा बुधवार को मनाया जाएगा। रामलीला ग्राउंड में रावण और मेघनाद वध की लीला के बाद उनके पुतलों का दहन होगा। इसके अलावा लोग गली-मोहल्लों में भी पुतले दहन करेंगे। गांधी ग्राउंड में इसकी तैयारी की जा रही है।
साहूकारा के मंदिर में होती है रावण की पूजा
बदायूं। शहर के मोहल्ला साहूकारा में करीब 100 साल पुराना एक मंदिर है। यहां पर शिव दरबार, भगवान विष्णु, हनुमान जी, माता काली, माता दुर्गा की प्रतिमाओं के अलावा शिवलिंग भी स्थापित है। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां रावण की भी प्रतिमा लगी हुई है। इसकी वजह यह मंदिर रावण के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। दशहरे पर जहां गांधी ग्राउंड में रावण का वध किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस मंदिर में प्रकांड विद्वान और शिवभक्त होने के नाते रावण की विधि-विधान के साथ पूजा की है। मंदिर की देखभाल रविंद्र शर्मा और उनकी पत्नी रश्मि शर्मा करते हैं। उन्होंने बताया कि रावण शिवजी का परमभक्त था। हालांकि यह मंदिर रावण का नहीं है, लेकिन फिर भी तमाम लोग दशहरे पर रावण की पूजा भी करते हैं।

गांधी ग्राउंड में मेघनाथ का पुतला बनाया जा रहा। संवाद- फोटो : BADAUN