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राशन कोटा किसी के नाम और चलाता मिला दूसरा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2016 11:44 PM IST
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दूसरे स्थान पर स्टॉक किया गया था अनाज, स्टॉक में 18 क्विंटल गेहूं-चावल भी कम मिला
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सच्चाई किसी से छिपी हुई नहीं है। इसके बावजूद अफसर सख्ती नहीं कर रहे। ग्रामीणों की शिकायत पर रविवार को एसडीएम ओपी तिवारी और आपूर्ति निरीक्षक ने समरेर में राशन की दुकान पर छापामारी की। यहां पता लगा कि जिस व्यक्ति के नाम राशन कोटा आवंटित है वह नहीं बल्कि नन्हे यादव नाम का दबंग कोटा चलाता था। मौके पर स्टॉक में भी हेरफेर मिला।
दातागंज तहसील की समरेर ग्राम पंचायत में राशन कोटे की दुकान रहमान के नाम है। पिछले दिनों नेता झुकसा की एक दुकान सस्पेंड करने के बाद उसे भी यहीं अटैच्ड कर दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत थी कि कोटेदार राशन की ब्लैक कर रहा है। शिकायत पर एसडीएम ने छापामारी की तो सच्चाई सामने आ गई। पड़ताल में पता लगा कि कोटा भले रहमान के नाम आवंटित है, लेकिन इसे चलाता नन्हे यादव नाम का दबंग है। उसे राजनीतिक संरक्षण हासिल है। स्टॉक चेक करने पर पता लगा कि नन्हे यादव राशन दुकान में न रखकर दूसरे स्थान पर रखता था। 18 क्विंटल गेहूं और चावल भी कम मिले।
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दो महीने पहले निलंबित हुई थी दुकान
दातागंज। अनियमितताओं की वजह से करीब दो महीने पहले एसडीएम ने रहमान की दुकान को निलंबित कर दिया था। चूंकि दुकान नन्हे चलाता था। उसे राजनीतिक संरक्षण हासिल है। ऐसे में कुछ ही दिन के बाद इस दुकान को प्रशासन ने एक सफेदपोश के दबाव में बहाल कर दिया। इसके बाद से यहां फिर राशन की कालाबाजारी चल रही थी।
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शिकायत पर छापामारी की गई। कई अनियमितताएं मिली हैं। मामले में पड़ताल की जा रही है। कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
-ओपी तिवारी, एसडीएम दातागंज
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सच्चाई किसी से छिपी हुई नहीं है। इसके बावजूद अफसर सख्ती नहीं कर रहे। ग्रामीणों की शिकायत पर रविवार को एसडीएम ओपी तिवारी और आपूर्ति निरीक्षक ने समरेर में राशन की दुकान पर छापामारी की। यहां पता लगा कि जिस व्यक्ति के नाम राशन कोटा आवंटित है वह नहीं बल्कि नन्हे यादव नाम का दबंग कोटा चलाता था। मौके पर स्टॉक में भी हेरफेर मिला।
दातागंज तहसील की समरेर ग्राम पंचायत में राशन कोटे की दुकान रहमान के नाम है। पिछले दिनों नेता झुकसा की एक दुकान सस्पेंड करने के बाद उसे भी यहीं अटैच्ड कर दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत थी कि कोटेदार राशन की ब्लैक कर रहा है। शिकायत पर एसडीएम ने छापामारी की तो सच्चाई सामने आ गई। पड़ताल में पता लगा कि कोटा भले रहमान के नाम आवंटित है, लेकिन इसे चलाता नन्हे यादव नाम का दबंग है। उसे राजनीतिक संरक्षण हासिल है। स्टॉक चेक करने पर पता लगा कि नन्हे यादव राशन दुकान में न रखकर दूसरे स्थान पर रखता था। 18 क्विंटल गेहूं और चावल भी कम मिले।
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दो महीने पहले निलंबित हुई थी दुकान
दातागंज। अनियमितताओं की वजह से करीब दो महीने पहले एसडीएम ने रहमान की दुकान को निलंबित कर दिया था। चूंकि दुकान नन्हे चलाता था। उसे राजनीतिक संरक्षण हासिल है। ऐसे में कुछ ही दिन के बाद इस दुकान को प्रशासन ने एक सफेदपोश के दबाव में बहाल कर दिया। इसके बाद से यहां फिर राशन की कालाबाजारी चल रही थी।
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शिकायत पर छापामारी की गई। कई अनियमितताएं मिली हैं। मामले में पड़ताल की जा रही है। कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
-ओपी तिवारी, एसडीएम दातागंज