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रामवृक्ष के बड़े फाइनेंसर्स में से एक था राकेश गुप्ता
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2016 10:44 PM IST
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जवाहर बाग का खलनायक राकेश गुप्ता कब्जाधारियों के सरगना रामवृक्ष यादव का बड़ा फाइनेंसर था। राकेश गुप्ता जवाहर बाग में सदर, हथियार पहुंचाने के साथ रामवृक्ष यादव को 50 लाख रुपये दे चुका था। 27 मई को वह बदायूं आया था। यहां एक बैंक से 10 लाख रुपये निकाले। यह रुपये लेकर वह जवाहर बाग चला गया था। राकेश गुप्ता के मुताबिक इनमें से छह लाख रुपये हिंसा के दौरान हुई आगजनी में जल गए थे।
शुक्रवार को उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना पुल के पास से गिरफ्तार राकेश गुप्ता को शनिवार को मथुरा पुलिस अपने साथ ले गई थी। उसे जेल भेज दिया गया है। इससे पहले उसने कई बड़े खुलासे किए हैं। राकेश गुप्ता के पास अकूत संपत्ति होने के साथ उस पर दातागंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का 30 और एसबीआई का 10 लाख रुपया कर्जा भी है। बाबा जय गुरुदेव के नाम पर रामवृक्ष को मिलने वाले चंदे की रकम का हिसाब भी राकेश गुप्ता रखता था। कर्ज चुकाने के लिए राकेश गुप्ता को हर महीने 80 हजार रुपये की किस्त देनी होती थी। करीब दो साल से वह बैंक की किस्तें भी जमा नहीं कर रहा था।
पूछताछ में राकेश गुप्ता ने स्वीकार किया है कि उसने करीब 50 लाख रुपये रामवृक्ष यादव को दिए थे। जवाहर बाग की घटना से पांच दिन पहले 27 मई को उसने बदायूं की एक बैंक से 10 लाख रुपये निकाले थे। घटना से तीन दिन पहले 10 लाख रुपये की निकासी से साफ होता है कि रामवृक्ष यादव और राकेश गुप्ता को पुलिस कार्रवाई का अंदेशा था। इससे पहले यह लोग तैयारियां कर रहे थे।
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नहीं मिला राकेश गुप्ता का पिस्टल
बदायूं। जवाहर बाग में हिंसा के दौरान गुम हुआ राकेश गुप्ता का पिस्टल अब तक नहीं मिल सका है। हिंसा के बाद पुलिस ने सर्च अभियान के दौरान जवाहर बाग से 69 हथियार बरामद किए थे। इनमें राकेश तगुप्ता का एक लाइसेंसी रायफल शामिल है। राकेश गुप्ता का दावा है कि भागते वक्त उसके हथियार जवाहर बाग में ही छूट गए थे।
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शुक्रवार को उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना पुल के पास से गिरफ्तार राकेश गुप्ता को शनिवार को मथुरा पुलिस अपने साथ ले गई थी। उसे जेल भेज दिया गया है। इससे पहले उसने कई बड़े खुलासे किए हैं। राकेश गुप्ता के पास अकूत संपत्ति होने के साथ उस पर दातागंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का 30 और एसबीआई का 10 लाख रुपया कर्जा भी है। बाबा जय गुरुदेव के नाम पर रामवृक्ष को मिलने वाले चंदे की रकम का हिसाब भी राकेश गुप्ता रखता था। कर्ज चुकाने के लिए राकेश गुप्ता को हर महीने 80 हजार रुपये की किस्त देनी होती थी। करीब दो साल से वह बैंक की किस्तें भी जमा नहीं कर रहा था।
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पूछताछ में राकेश गुप्ता ने स्वीकार किया है कि उसने करीब 50 लाख रुपये रामवृक्ष यादव को दिए थे। जवाहर बाग की घटना से पांच दिन पहले 27 मई को उसने बदायूं की एक बैंक से 10 लाख रुपये निकाले थे। घटना से तीन दिन पहले 10 लाख रुपये की निकासी से साफ होता है कि रामवृक्ष यादव और राकेश गुप्ता को पुलिस कार्रवाई का अंदेशा था। इससे पहले यह लोग तैयारियां कर रहे थे।
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नहीं मिला राकेश गुप्ता का पिस्टल
बदायूं। जवाहर बाग में हिंसा के दौरान गुम हुआ राकेश गुप्ता का पिस्टल अब तक नहीं मिल सका है। हिंसा के बाद पुलिस ने सर्च अभियान के दौरान जवाहर बाग से 69 हथियार बरामद किए थे। इनमें राकेश तगुप्ता का एक लाइसेंसी रायफल शामिल है। राकेश गुप्ता का दावा है कि भागते वक्त उसके हथियार जवाहर बाग में ही छूट गए थे।