बदायूं में रामगंगा उफनाई: जरतौली गांव में प्राथमिक स्कूल खाली कराया, नदी में हो रहा कटान, भवन पर खतरा
बदायूं के दातागंज इलाके में रामगंगा नदी का जलस्तर पिछले 12 घंटे से लगातार बढ़ रहा है। इससे जरतौली गांव के 20 मकान और प्राथमिक स्कूल खतरे में हैं। स्कूल भवन खाली कराकर सामान ग्राम प्रधान के घर रखा गया है। प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि 26 बच्चों की पढ़ाई वहीं हो रही है।
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बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी के उफनाने से जरतौली गांव के प्राथमिक स्कूल भवन को खतरा हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल भवन को खाली करा दिया गया है। स्कूल के अभिलेख और फर्नीचर आदि निकालकर ग्राम प्रधान के मकान में रखे गए हैं। रामगंगा की लहरें टकराने से बृहस्पतिवार को स्कूल भवन तलहटी से कटना शुरू हो गया है। स्कूल बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से चार दिन पहले की गई व्यवस्था लहरों के टकराने से ध्वस्त हो गई। इसके साथ ही दातागंज के हरे नगला गढ़िया मार्ग पर अरिल नदी के ऊपर बने रपटा पुल पर दो फिट तक पानी आ गया।
रामगंगा नदी का जल स्तर पिछले 12 घंटे से लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा खतरा जरतौली गांव के 20 मकानों को हैं जो पिछले वर्षों में आई बाढ़ में ढहने से बच गए। इसमें गांव का प्राथमिक स्कूल का भवन भी शामिल है। स्कूल भवन रामगंगा के किनारे है। चार दिनों से स्कूल भवन की तलहटी को नुकसान हो रहा है। बुधवार की रात जलस्तर और बढ़ गया। बृहस्पतिवार को रामगंगा की लहरों ने स्कूल भवन को तलहटी से काटना शुरू कर दिया। इससे भवन अंदर-अंदर खोखला होने लगा।
प्रधान के मकान में रखा गया स्कूल का सामान
सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल को खाली करा दिया गया। अभिलेख और फर्नीचर आदि निकालकर ग्राम प्रधान की बैठक में रखे गए हैं। ग्राम प्रधान नन्ही देवी के प्रतिनिधि अवधेश कश्यप ने बताया कि बाढ़ खंड की तरफ से चार दिन पहले स्कूल भवन को बचाने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए लेकिन वह नाकाफी साबित हुए। जरतोली में कभी पौने दो सौ घर हुआ करते थे, लेकिन बाढ़ ने गांव को तीन भागों में बांट दिया। इससे नई जरतौली बस गई। वहां 75 घर बसे हुए हैं।
इसके अलावा नदी का पानी सिमरिया गांव से करीब आठ मीटर दूरी पर बह रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक पानी की बढ़ोतरी इसी तरह होती रही तो शुक्रवार तक पानी गांव में प्रवेश कर जाएगा। बाढ़ खंड की ओर से की गई सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। पानी की बढ़ोतरी लगातार जारी है। इधर, दातागंज क्षेत्र के हरे नगला गढ़िया मार्ग पर अरिल नदी के ऊपर बने रपटा पुल पर लगभग 2 फुट पानी बह रहा है। ग्रामीण छोटे सिंह ने बताया कि फिलहाल तो आवागमन जारी है। पानी बढ़ने के बाद रास्ता बंद हो जाएगा।
प्रधान के मकान की बैठक में बच्चों की पढ़ाई
जरतौली गांव के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि रामगंगा नदी ने स्कूल भवन को नीचे से काटना शुरू कर दिया, इसलिए स्कूल खाली कर दिया। इस गांव से करीब दो किलोमीटर दूर नई जरतोली गांव में ग्राम प्रधान नन्ही देवी के मकान की बैठक में फर्नीचर आदि शिफ्ट किया है। स्कूल में 26 बच्चे हैं। दो अध्यापक हैं, अभी जो बच्चे आ रहे हैं, उन्हें बैठक में ही पढ़ाया जा रहा है।
एसडीएम दातागंज विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पानी छोड़ने की वजह से रामगंगा में जलस्तर से बढ़ा है। स्कूल भवन को बचाने के प्रयास किए गए हैं। किसी को दिक्कत होने नहीं दी जाएगी। बाढ़ खंड की टीम के साथ प्रशासन नजर बनाए गए हैं। लेखपालों को सक्रिय कर दिया है।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, आरती स्थल से दो मीटर दूर पहुंचा पानी
गंगा नदी में बुधवार की रात एकाएक पानी बढ़ गया। अचानक जलस्तर बढ़ने से आरती स्थल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। दो मीटर दूर पानी पहुंच गया है। कछला नगर पंचायत ने एक दिन पूर्व गंगा किनारे साफ सफाई अभियान चलाकर दुकानों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था। पानी बढ़ने से गंगा किनारे बसने वाले पिपरौल, चंदनपुर, हुसैनपुर, हुसैनपुर खेड़ा, टक नगला, खजुरारा, सरौता, चैसिगा, पलिया, राम नगला को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी है। हालांकि अभी गांवों में खतरे जैसी स्थिति नहीं है लेकिन जलस्तर और बढ़ा तो दिक्कत हो सकती है।