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रामसेवक ने किया शक्ति प्रदर्शन पर नहीं खोले पत्ते
ब्यूरो/बदायूं
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:30 AM IST
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पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल
सदर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल ने गुरुवार को अपने समर्थकों की भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन किया। हालांकि वह समर्थकों के बीच रह पाते इससे पहले ही भाजपा के कुछ सदस्य उनसे बातचीत को कही और ले गए। लेकिन समर्थकों की भीड़ दूसरे पहर तक जुटी रही। फिलहाल उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले। बोले कि जल्द ही वह समर्थकों की मंशा के मुताबिक अगला कदम उठाएंगे। माना जा रहा है कि शुक्रवार को रामसेवक कोई फैसला ले सकते हैं।
भाजपा से बदायूं सदर सीट पर महेश चंद्र शर्मा का टिकट घोषित होने के बाद से पूर्व विधायक रामसेवक पटेल और उनके समर्थकों में नाराजगी है। दो दिन पहले प्रेसवार्ता बुलाकर पटेल ने पार्टी हाईकमान के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए गुरुवार को समर्थकों की सभा में अगले कदम पर निर्णय लेने का ऐलान किया था। गुरुवार को उनके आवास पर सुबह 10 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इसमें रामसेवक को भी मौजूद रहना था लेकिन दोपहर तक वह नहीं पहुंचे। समर्थक भी जानना चाहते थे कि पूर्व विधायक कहां हैं लेकिन कुछ खास समर्थक मौजूद सारे लोगों से रूबरू हुए और टिकट न मिलने पर नाराजगी प्रकट करते दिखाई दिए। आवास पर मौजूद लोगों का कहना था कि पूर्व विधायक को चुनाव लड़ना चाहिए। समर्थकों की काफी भीड़ जुटने से गहमागहमी रही और आवास के बाहर सड़क पर जाम जैसा माहौल बन गया। वहीं, रामसेवक के दोपहर तक आवास से नदारद रहने को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। कहा गया कि भाजपा और संघ से जुड़े कुछ पदाधिकारियों से उनकी मीटिंग हुई लेकिन पटेल ने ऐसी किसी भी मीटिंग की बात से इंकार कर दिया। गुरुवार को समर्थकों से रूबरू न हो पाने का कारण की बात भी उन्होंने टाल दी। इतना जरूर कहा कि अब निर्णय लेने का वक्त आ गया है। अगले कदम के बाबत निर्णय लेने में वक्त नहीं लगाएंगे। जो भी कदम उठाएंगे समर्थकों की राय पर उठाएंगे। वहीं, पटेल के आवास पर मौजूद रहने वालों में प्रमुख रूप से केशवनाथ वैश्य, उज्ज्वल गुप्ता, मनोज कृष्ण गुप्ता, मुकेश पटवा, सभासद डॉ. अमर सिंह, अतुल श्रोत्रिय, रावेंद्र गुप्ता, जोगपाल सिंह, मुकेश पटेल, नीतेश रस्तोगी, तुलसी सिंह आचार्य, सत्यवीर सिंह चौहान, सभासद नन्हेलाल कश्यप, आलोक माहेश्वरी, महेश गुप्ता मुखिया, राजेंद्र गुप्ता, श्रवण कुमार मिश्रा, योगेंद्र मथुरिया, प्रधान सुरेश राजपूत, पवन शंखधार आदि प्रमुख रहे।
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भाजपा से बदायूं सदर सीट पर महेश चंद्र शर्मा का टिकट घोषित होने के बाद से पूर्व विधायक रामसेवक पटेल और उनके समर्थकों में नाराजगी है। दो दिन पहले प्रेसवार्ता बुलाकर पटेल ने पार्टी हाईकमान के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए गुरुवार को समर्थकों की सभा में अगले कदम पर निर्णय लेने का ऐलान किया था। गुरुवार को उनके आवास पर सुबह 10 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इसमें रामसेवक को भी मौजूद रहना था लेकिन दोपहर तक वह नहीं पहुंचे। समर्थक भी जानना चाहते थे कि पूर्व विधायक कहां हैं लेकिन कुछ खास समर्थक मौजूद सारे लोगों से रूबरू हुए और टिकट न मिलने पर नाराजगी प्रकट करते दिखाई दिए। आवास पर मौजूद लोगों का कहना था कि पूर्व विधायक को चुनाव लड़ना चाहिए। समर्थकों की काफी भीड़ जुटने से गहमागहमी रही और आवास के बाहर सड़क पर जाम जैसा माहौल बन गया। वहीं, रामसेवक के दोपहर तक आवास से नदारद रहने को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। कहा गया कि भाजपा और संघ से जुड़े कुछ पदाधिकारियों से उनकी मीटिंग हुई लेकिन पटेल ने ऐसी किसी भी मीटिंग की बात से इंकार कर दिया। गुरुवार को समर्थकों से रूबरू न हो पाने का कारण की बात भी उन्होंने टाल दी। इतना जरूर कहा कि अब निर्णय लेने का वक्त आ गया है। अगले कदम के बाबत निर्णय लेने में वक्त नहीं लगाएंगे। जो भी कदम उठाएंगे समर्थकों की राय पर उठाएंगे। वहीं, पटेल के आवास पर मौजूद रहने वालों में प्रमुख रूप से केशवनाथ वैश्य, उज्ज्वल गुप्ता, मनोज कृष्ण गुप्ता, मुकेश पटवा, सभासद डॉ. अमर सिंह, अतुल श्रोत्रिय, रावेंद्र गुप्ता, जोगपाल सिंह, मुकेश पटेल, नीतेश रस्तोगी, तुलसी सिंह आचार्य, सत्यवीर सिंह चौहान, सभासद नन्हेलाल कश्यप, आलोक माहेश्वरी, महेश गुप्ता मुखिया, राजेंद्र गुप्ता, श्रवण कुमार मिश्रा, योगेंद्र मथुरिया, प्रधान सुरेश राजपूत, पवन शंखधार आदि प्रमुख रहे।
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