{"_id":"58232c364f1c1b8553b3986a","slug":"rally-on-11-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल के विरोध में 11 को लखनऊ में होगी रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल के विरोध में 11 को लखनऊ में होगी रैली
ब्यूरो/बदायूं
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की ओर से केंद्र सरकार के पदोन्नति में आरक्षण देने संबंधी 117वें संविधान संशोधन बिल के विरोध में एक आवश्यक बैठक अधिशासी अभियंता ग्रीश चंद्र की अध्यक्षता में नलकूप निरीक्षण भवन में हुई। इसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
संगठन के संयोजक मदन मुरारी गुप्ता ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण व परिणामी ज्येष्ठता लागू करने का आदेश 2007 में किया था। इसके परिणाम स्वरूप सामान्य व अन्य पिछड़ी जाति के कर्मचारियों/अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावी हुई और अनुसूचित जाति/जनजाति के उनसे 20-25 साल कनिष्ठ कार्मिक उनके अधिकारी बन गए। सर्वोच्च न्यायालय में 27 अप्रैल 2012 को अपने ऐतिहासिक फैसले में पदोन्नति में आरक्षण का प्राविधान करने वाले 1994 के अधिनियम के सेक्शन-3(7) और परिणामी ज्येष्ठता प्रदान करने के 2007 के नियम-8क को अवैधानिक घोषित कर दिए जाने के बावजूद फैसले पर राजनीति चल रही है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में लखनऊ में एक विशाल रैली 11 नवंबर को होगी। उसमें शामिल होने के लिए नलकूप निरीक्षण भवन से दस नवंबर की रात चार बसें लखनऊ प्रस्थान करेंगी। इस मौके पर पीके मित्तल, शरद चौहान, सीएस यादव, विकास अग्रवाल, अनिल कुमार शर्मा, एके मिश्रा, फरमान रसूल हाशमी, पीयूष सक्सेना, जितेंद्र कुमार शर्मा, रविकांत मिश्रा, गौरव यादव, प्रशांत दीक्षित, ललतेश कुमार, प्रेम प्रकाश पांडे, स्वप्नदीप, उर्वेश पाली, रमेश चंद्र आदि अधिकारी कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संगठन के संयोजक मदन मुरारी गुप्ता ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण व परिणामी ज्येष्ठता लागू करने का आदेश 2007 में किया था। इसके परिणाम स्वरूप सामान्य व अन्य पिछड़ी जाति के कर्मचारियों/अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावी हुई और अनुसूचित जाति/जनजाति के उनसे 20-25 साल कनिष्ठ कार्मिक उनके अधिकारी बन गए। सर्वोच्च न्यायालय में 27 अप्रैल 2012 को अपने ऐतिहासिक फैसले में पदोन्नति में आरक्षण का प्राविधान करने वाले 1994 के अधिनियम के सेक्शन-3(7) और परिणामी ज्येष्ठता प्रदान करने के 2007 के नियम-8क को अवैधानिक घोषित कर दिए जाने के बावजूद फैसले पर राजनीति चल रही है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में लखनऊ में एक विशाल रैली 11 नवंबर को होगी। उसमें शामिल होने के लिए नलकूप निरीक्षण भवन से दस नवंबर की रात चार बसें लखनऊ प्रस्थान करेंगी। इस मौके पर पीके मित्तल, शरद चौहान, सीएस यादव, विकास अग्रवाल, अनिल कुमार शर्मा, एके मिश्रा, फरमान रसूल हाशमी, पीयूष सक्सेना, जितेंद्र कुमार शर्मा, रविकांत मिश्रा, गौरव यादव, प्रशांत दीक्षित, ललतेश कुमार, प्रेम प्रकाश पांडे, स्वप्नदीप, उर्वेश पाली, रमेश चंद्र आदि अधिकारी कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन