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जनसूचना की सुनवाई में गैरहाजिर एक्सईन पर जुर्माना
badaun
Updated Sat, 31 Jan 2015 07:09 PM IST
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एक जन सूचना के मामले में अपना पक्ष रखने राज्य सूचना आयुक्त की सुनवाई में पेश न होने पर उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जिलाधिकारी से कहा गया है कि जुर्माना रकम वसूल करें और आयोग को इस संबंध में अवगत कराएं।
वजीरगंज निवासी अशोक कुमार ‘कमल’ ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/ अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जन सूचना के तहत कुछ जानकारियां मांगी गई थीं। जानकारियां ने देने पर अशोक कुमार राज्य सूचना आयुक्त के यहां पहुंच गए। जहां से वादी लगातार चार पेशियों पर हाजिर हुआ लेकिन एक्सईन नहीं पहुुंचे। उन्हें हर बार नोटिस भी जारी होते रहे। पत्रावली के अवलोकन के बाद शुरू सुनवाई में उन पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दंडादेश पारित किया गया था। अब तक इसकी सीमा 25 हजार रुपये पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी प्रतिवादी आयुक्त के समक्ष पेश हुए और न ही उनकी ओर से किसी को पेश किया गया। राज्य सूचना आयोग ने कहा है कि प्रतिवादी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने लापरवाही बरती। आयोग ने कहा है कि जानबूझकर आदेशों की अवहेलना की गई।
इस संबंध में राज्य सूचना आयुक्त खदीजातुल कुबरा ने तत्कालीन एक्सईएन के खिलाफ 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि उनसे जुर्माने की राशि वसूलना सुनिश्चित की जाए। इस आदेश से राज्य आयुक्त ने पत्र भेजकर वादी अशोक कुमार कमल को भी अवगत कराया गया है।
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वजीरगंज निवासी अशोक कुमार ‘कमल’ ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/ अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जन सूचना के तहत कुछ जानकारियां मांगी गई थीं। जानकारियां ने देने पर अशोक कुमार राज्य सूचना आयुक्त के यहां पहुंच गए। जहां से वादी लगातार चार पेशियों पर हाजिर हुआ लेकिन एक्सईन नहीं पहुुंचे। उन्हें हर बार नोटिस भी जारी होते रहे। पत्रावली के अवलोकन के बाद शुरू सुनवाई में उन पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दंडादेश पारित किया गया था। अब तक इसकी सीमा 25 हजार रुपये पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी प्रतिवादी आयुक्त के समक्ष पेश हुए और न ही उनकी ओर से किसी को पेश किया गया। राज्य सूचना आयोग ने कहा है कि प्रतिवादी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने लापरवाही बरती। आयोग ने कहा है कि जानबूझकर आदेशों की अवहेलना की गई।
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इस संबंध में राज्य सूचना आयुक्त खदीजातुल कुबरा ने तत्कालीन एक्सईएन के खिलाफ 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि उनसे जुर्माने की राशि वसूलना सुनिश्चित की जाए। इस आदेश से राज्य आयुक्त ने पत्र भेजकर वादी अशोक कुमार कमल को भी अवगत कराया गया है।
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