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अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत, हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:35 AM IST
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यहां एक निजी अस्पताल में प्रसूता व उसके नवजात की मौत हो गई। इस पर गुस्साए परिवार वालों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मृतका के घरवाले अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। सूचना पर पहुंची उझानी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। मृतका के पति ने अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ तहरीर दे दी है। हालांकि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने मृतका के परिवारीजनों के आरोप निराधार बताए।
कस्बे में बाईपास पर बने एक हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह छह बजे नगर के मोहल्ला नझियाई निवासी सत्यपाल सिंह ने अपनी पत्नी 42 वर्षीय रामवती को भर्ती कराया था। रामवती को सात माह का गर्भ था। प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार यहां ले आया। बताते हैं कि शाम पांच बजे रामवती को नार्मल डिलीवरी से मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। थोड़ी ही देर बाद रामवती की भी मौत हो गई। एक साथ दो मौतों से परिवार हिल गया। सूचना पर मोहल्ले और परिवार के भी काफी लोग आ गए। यहां जमकर हंगामा हुआ। महिला के पति ने कोतवाली जाकर तहरीर दी। आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से उसकी पत्नी और बेटे की जान गई है। हंगामे की सूचना पर कोतवाल राजीव शर्मा और दरोगा संजय शर्मा मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए। एक ओर जहां परिवार अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगा रहा था, वहीं अस्पताल प्रबंधन साफतौर पर घटना को नकार रहा है।
उधर, आरोपी डॉक्टर का कहना है कि महिला बुधवार को घर में गिर गई थी। इससे उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो गई थी। हमने उस बच्चे को किसी तरह निकाला। चूंकि बच्चा पेट में मरा था, इसलिए महिला के शरीर में इंफेक्शन फैल गया। इससे उसकी भी मौत हो गई। इसमें डॉक्टर और स्टाफ की कोई गलती नहीं है।
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महिला के परिवारवालों ने हमें कोई तहरीर नहीं दी थी। हम तो अस्पताल में हंगामे की सूचना पर यहां आए थे। दोनों पक्ष आपस में समझौता कर रहे हैं। परिवार भी अब कोई कार्रवाई नहीं चाहता। वह शव साथ ले जाना चाहते हैं।
- राजीव शर्मा, कोतवाल उझानी
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कस्बे में बाईपास पर बने एक हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह छह बजे नगर के मोहल्ला नझियाई निवासी सत्यपाल सिंह ने अपनी पत्नी 42 वर्षीय रामवती को भर्ती कराया था। रामवती को सात माह का गर्भ था। प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार यहां ले आया। बताते हैं कि शाम पांच बजे रामवती को नार्मल डिलीवरी से मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। थोड़ी ही देर बाद रामवती की भी मौत हो गई। एक साथ दो मौतों से परिवार हिल गया। सूचना पर मोहल्ले और परिवार के भी काफी लोग आ गए। यहां जमकर हंगामा हुआ। महिला के पति ने कोतवाली जाकर तहरीर दी। आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से उसकी पत्नी और बेटे की जान गई है। हंगामे की सूचना पर कोतवाल राजीव शर्मा और दरोगा संजय शर्मा मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए। एक ओर जहां परिवार अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगा रहा था, वहीं अस्पताल प्रबंधन साफतौर पर घटना को नकार रहा है।
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उधर, आरोपी डॉक्टर का कहना है कि महिला बुधवार को घर में गिर गई थी। इससे उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो गई थी। हमने उस बच्चे को किसी तरह निकाला। चूंकि बच्चा पेट में मरा था, इसलिए महिला के शरीर में इंफेक्शन फैल गया। इससे उसकी भी मौत हो गई। इसमें डॉक्टर और स्टाफ की कोई गलती नहीं है।
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महिला के परिवारवालों ने हमें कोई तहरीर नहीं दी थी। हम तो अस्पताल में हंगामे की सूचना पर यहां आए थे। दोनों पक्ष आपस में समझौता कर रहे हैं। परिवार भी अब कोई कार्रवाई नहीं चाहता। वह शव साथ ले जाना चाहते हैं।
- राजीव शर्मा, कोतवाल उझानी