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Budaun News: प्रमुख सचिव ने लिया संज्ञान, मेडिकल कालेज में व्यवस्था सुधारने के निर्देश
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मेडिकल कॉलेज में आग बुझाने के तरीके बताते दमकल कर्मी।स्रोत-मेडिकल कॉलेज
- फोटो : credit
बदायूं। लखनऊ अस्पताल में आग लगाने की घटना के बाद जिले के अस्पतालों की पड़ताल की कराई गई तो महिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल बिना एनओसी के ही संचालित मिले थे। 16 अप्रैल के अंक में खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई। उसका संज्ञान प्रमुख सचिव शासन ने लेते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज को व्यवस्थाएं सुधारने के साथ ही फायर सेफ्टी एवं इलेक्ट्रिक सेफ्टी प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए गए। उसके लिए कार्यशाला भी आयोजित की गई।
कार्यशाला में फायर सेफ्टी अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने आग लगने के कारणों, अग्निशमन यंत्रों व फोम टाइप के प्रयोग, इवैक्यूएशन प्लान, शॉर्ट सर्किट की स्थिति में सावधानी, एलपीजी सिलेंडर से संबंधित सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने की जानकारी दी गई।
कॉलेज की फायर सेफ्टी नोडल अधिकारी डॉ. अमृता बाजपेयी ने बताया कि आगे भी नियमित रूप से इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित कराई जाएंगी। प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि सुरक्षा से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अनिवार्य है। कार्यशाला में 112 कर्मियों ने भाग लिया। प्राचार्य ने बताया कि एनओसी को लेकर कुछ कमियां हैं। उसे करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। इस मौके पर डॉ. मुकत्याज हुसैन, डॉ. प्रशांत, डेंटल सर्जन डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुचेता यादव, डॉ. अमित कुमार, डॉ. राजेश कुमार शाक्य, डॉ. अपूर्वा जैन, डॉ. मानिक आदि थे।
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कार्यशाला में फायर सेफ्टी अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने आग लगने के कारणों, अग्निशमन यंत्रों व फोम टाइप के प्रयोग, इवैक्यूएशन प्लान, शॉर्ट सर्किट की स्थिति में सावधानी, एलपीजी सिलेंडर से संबंधित सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने की जानकारी दी गई।
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कॉलेज की फायर सेफ्टी नोडल अधिकारी डॉ. अमृता बाजपेयी ने बताया कि आगे भी नियमित रूप से इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित कराई जाएंगी। प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि सुरक्षा से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अनिवार्य है। कार्यशाला में 112 कर्मियों ने भाग लिया। प्राचार्य ने बताया कि एनओसी को लेकर कुछ कमियां हैं। उसे करने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। इस मौके पर डॉ. मुकत्याज हुसैन, डॉ. प्रशांत, डेंटल सर्जन डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुचेता यादव, डॉ. अमित कुमार, डॉ. राजेश कुमार शाक्य, डॉ. अपूर्वा जैन, डॉ. मानिक आदि थे।
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