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जिला अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत, हंगामा
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बदायूं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि उन्होंने खुद ही ऑक्सीजन का इंतजाम किया था। इसके बावजूद कर्मचारियों ने उनके मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई। इस पर उन्होंने अस्पताल में हंगामा कर दिया। इससे कर्मचारी वार्ड छोड़कर भाग गए। सूचना पर सीओ सिटी और कोतवाली पुलिस पहुंच गई। तब कहीं पुलिस ने बमुश्किल मामला शांत कराया।
उझानी कस्बे के मोहल्ला बहादुरगंज की निवासी रानी (25) पत्नी रिफाकत गर्भवती थी। उसकी दो साल पहले शादी हुई थी। पति के मुताबिक पिछले दो दिन से रानी की तबीयत खराब थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उसे जिला अस्पताल ले गए लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं थी। इससे रानी को रातभर इमरजेंसी में रखा गया। उसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी गई। शनिवार सुबह अस्पताल स्टाफ ने कंसंट्रेटर हटा दिया। परिवार वालों से कहा कि वह खुद ही ऑक्सीजन का इंतजाम कर लें। इस पर परिवार वाले कहीं से दो ऑक्सीजन सिलिंडरों का इंतजाम करके अस्पताल लाए।
परिवार वालों का आरोप है कि इसके बावजूद कर्मचारियों ने मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई। इससे रानी की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिवार वालों ने इमरजेंसी वार्ड में हंगामा कर दिया। विरोध बढ़ता देखकर कर्मचारी वार्ड छोड़कर भाग गए। उन्होंने इसकी सूचना सीएमएस को दी। जिस पर सीएमएस ने पुलिस को बुला लिया। सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह और कोतवाली इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा पुलिस बल के साथ पहुंच गए। फिर जैसे-तैसे परिवार वालों को शांत किया गया। मामले में किसी ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
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महिला को शुक्रवार रात जिला अस्पताल लाया गया था। उसके पेट में बच्चे की मौत हो गई थी। यहां से उसे रेफर कर दिया गया था लेकिन परिवार वाले उसे नहीं ले गए। इससे उसे रातभर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर रखा गया। सुबह उसकी मौत हो गई। ऑक्सीजन सिलिंडर न लगाने का आरोप बेबुनियाद है। - डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस, जिला अस्पताल
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उझानी कस्बे के मोहल्ला बहादुरगंज की निवासी रानी (25) पत्नी रिफाकत गर्भवती थी। उसकी दो साल पहले शादी हुई थी। पति के मुताबिक पिछले दो दिन से रानी की तबीयत खराब थी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उसे जिला अस्पताल ले गए लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं थी। इससे रानी को रातभर इमरजेंसी में रखा गया। उसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी गई। शनिवार सुबह अस्पताल स्टाफ ने कंसंट्रेटर हटा दिया। परिवार वालों से कहा कि वह खुद ही ऑक्सीजन का इंतजाम कर लें। इस पर परिवार वाले कहीं से दो ऑक्सीजन सिलिंडरों का इंतजाम करके अस्पताल लाए।
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परिवार वालों का आरोप है कि इसके बावजूद कर्मचारियों ने मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई। इससे रानी की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिवार वालों ने इमरजेंसी वार्ड में हंगामा कर दिया। विरोध बढ़ता देखकर कर्मचारी वार्ड छोड़कर भाग गए। उन्होंने इसकी सूचना सीएमएस को दी। जिस पर सीएमएस ने पुलिस को बुला लिया। सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह और कोतवाली इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा पुलिस बल के साथ पहुंच गए। फिर जैसे-तैसे परिवार वालों को शांत किया गया। मामले में किसी ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
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महिला को शुक्रवार रात जिला अस्पताल लाया गया था। उसके पेट में बच्चे की मौत हो गई थी। यहां से उसे रेफर कर दिया गया था लेकिन परिवार वाले उसे नहीं ले गए। इससे उसे रातभर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर रखा गया। सुबह उसकी मौत हो गई। ऑक्सीजन सिलिंडर न लगाने का आरोप बेबुनियाद है। - डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस, जिला अस्पताल