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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2.0 : पात्रता सूची का सत्यापन कार्य धीमा
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बदायूं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2.0 के तहत पात्रता सूची के सत्यापन का कार्य जिले में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। सर्वे के आधार पर जिले में 48,361 लाभार्थियों का चयन किया गया है, लेकिन तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी नहीं हो सकी। अभी तक केवल 16 हजार आवेदन ही जांचे जा सके हैं।
शासन ने निर्देश दिए थे कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2.0 के तहत कुल आवेदन 48,361 में से रैंडम 23,330 चयनित आवेदनों की जांच 31 जुलाई तक पूरी होनी थी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि अब तक केवल लगभग 16,000 आवेदनों की ही जांच हो पाई है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में करीब 7,330 मामलों की जांच शेष है। धीमी प्रगति के कारण जिला प्रदेश में पिछड़े जिलों की श्रेणी में आ गया है। अधिकारियों के अनुसार सर्वे के माध्यम से पात्र परिवारों की सूची तैयार की गई है। जिसे फील्ड में जाकर सत्यापित किया जा रहा है। सत्यापन में लाभार्थी की वास्तविक स्थिति, जमीन की उपलब्धता और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच कार्य में तेजी लाने के लिए टीमों को निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में प्रतिदिन जांच का औसत बढ़ाया जाएगा, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
वर्जन-
जांच करने में जो भी अधिकारी, कर्मचारी काम कर रहे है, सभी को शासन के निर्देशों के बारे में बताया दिया है। साथ ही जांच का औसत बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच जल्द से जल्द पूरी हो सके। - अखिलेश कुमार चौबे, पीडी डीआरडीए
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शासन ने निर्देश दिए थे कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2.0 के तहत कुल आवेदन 48,361 में से रैंडम 23,330 चयनित आवेदनों की जांच 31 जुलाई तक पूरी होनी थी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि अब तक केवल लगभग 16,000 आवेदनों की ही जांच हो पाई है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में करीब 7,330 मामलों की जांच शेष है। धीमी प्रगति के कारण जिला प्रदेश में पिछड़े जिलों की श्रेणी में आ गया है। अधिकारियों के अनुसार सर्वे के माध्यम से पात्र परिवारों की सूची तैयार की गई है। जिसे फील्ड में जाकर सत्यापित किया जा रहा है। सत्यापन में लाभार्थी की वास्तविक स्थिति, जमीन की उपलब्धता और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच कार्य में तेजी लाने के लिए टीमों को निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में प्रतिदिन जांच का औसत बढ़ाया जाएगा, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
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वर्जन-
जांच करने में जो भी अधिकारी, कर्मचारी काम कर रहे है, सभी को शासन के निर्देशों के बारे में बताया दिया है। साथ ही जांच का औसत बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच जल्द से जल्द पूरी हो सके। - अखिलेश कुमार चौबे, पीडी डीआरडीए
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