{"_id":"5dd539868ebc3e54c033eac1","slug":"post-office-scam-badaun-news-bly38476236","type":"story","status":"publish","title_hn":"पासबुकों में हेराफेरी करने वाले डाकपाल पर नहीं हो सकी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पासबुकों में हेराफेरी करने वाले डाकपाल पर नहीं हो सकी कार्रवाई
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दबतोरी। भ्रष्ट सिस्टम में जब अफसर ही मेहरबान हो जाएं तो घपलेबाजी की घटनाएं कैसे रुकेंगी। उपभोक्ताओं की पासबुकों में हेराफेरी कर करीब 30 लाख का गोलमाल करने वाले डाकपाल पर भी अफसरों की मेहरबानी बरस रही है। यही कारण है कि हेराफेरी की पुष्टि होने के बावजूद डाकपाल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अफसर डाकपाल को बचाने में जुटे हैं।
क्षेत्र के गांव संग्रामपुर में पोस्ट ऑफिस के डाकपाल राजू लंबे समय से तैनात था। यहां करीब डेढ़ सौ उपभोक्ताओं के खाते हैं। जब स्थानीय लोग रुपये जमा करने के लिए आते थे तो डाकपाल राजू उपभोक्ताओं की पासबुकें चढ़वाने के नाम पर अपने पास ही रख लेता था। इन खातों में एक दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं ने दो लाख से अधिक की रकम जमा की थी। इसमें गांव के प्रधान जमीर अहमद भी शामिल है। बाकी उपभोक्ताओं ने पचास हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जमा किये थे। डाकपाल पर उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनकी पासबुकों में हेराफेरी करके जमा की गई रकम को हड़प लिया गया। शिकायत पर इसकी जांच सहसवान डाकघर के निरीक्षण अधिकारी सतीश मीना ने 15 अक्तूबर को शुरू की थी। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया डाकपाल राजू को दोषी मानकर उसे निलंबित कर दिया था और आसफपुर में तैनात शमशाद की डाकपाल पद पर तैनाती कर दी। जांच टीम ने उपभोक्ताओं की पासबुकें एकत्र करके विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया तो हेराफेरी करने का मामला सामने आया। उपभोक्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बरेली जोन के पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
संग्रामपुर गांव के पोस्ट ऑफिस में तैनात डाकपाल के मामले में उपभोक्ताओं की शिकायत मिलने पर जांच के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। जांच में हेराफेरी के साक्ष्य मिले है, अभी जांच जारी है। दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।
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संजय सिंह, पोस्टमास्टर जनरल जोन बरेली
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गांव के पोस्ट ऑफिस में तैनात डाकपाल ने काफी लोगों की पासबुकों को कब्जे में रखकर धनराशि हड़पी है। जांच टीम डाकपाल को बचाने का काम कर रही है। उपभोक्ताओं को लेकर एक दो दिन में अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
मोहम्मद जमीर, ग्राम प्रधान संग्रामपुर
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क्षेत्र के गांव संग्रामपुर में पोस्ट ऑफिस के डाकपाल राजू लंबे समय से तैनात था। यहां करीब डेढ़ सौ उपभोक्ताओं के खाते हैं। जब स्थानीय लोग रुपये जमा करने के लिए आते थे तो डाकपाल राजू उपभोक्ताओं की पासबुकें चढ़वाने के नाम पर अपने पास ही रख लेता था। इन खातों में एक दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं ने दो लाख से अधिक की रकम जमा की थी। इसमें गांव के प्रधान जमीर अहमद भी शामिल है। बाकी उपभोक्ताओं ने पचास हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जमा किये थे। डाकपाल पर उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनकी पासबुकों में हेराफेरी करके जमा की गई रकम को हड़प लिया गया। शिकायत पर इसकी जांच सहसवान डाकघर के निरीक्षण अधिकारी सतीश मीना ने 15 अक्तूबर को शुरू की थी। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया डाकपाल राजू को दोषी मानकर उसे निलंबित कर दिया था और आसफपुर में तैनात शमशाद की डाकपाल पद पर तैनाती कर दी। जांच टीम ने उपभोक्ताओं की पासबुकें एकत्र करके विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया तो हेराफेरी करने का मामला सामने आया। उपभोक्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बरेली जोन के पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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संग्रामपुर गांव के पोस्ट ऑफिस में तैनात डाकपाल के मामले में उपभोक्ताओं की शिकायत मिलने पर जांच के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। जांच में हेराफेरी के साक्ष्य मिले है, अभी जांच जारी है। दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।
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संजय सिंह, पोस्टमास्टर जनरल जोन बरेली
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गांव के पोस्ट ऑफिस में तैनात डाकपाल ने काफी लोगों की पासबुकों को कब्जे में रखकर धनराशि हड़पी है। जांच टीम डाकपाल को बचाने का काम कर रही है। उपभोक्ताओं को लेकर एक दो दिन में अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
मोहम्मद जमीर, ग्राम प्रधान संग्रामपुर