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गांव की आबादी 12 सौ, मतदाता सात सौ और किसान सम्मान निधि 22 सौ को
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दातागंज (बदायूं)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अपात्र लाभार्थियों को लेकर शुरू से ही विवादों में रही है। अब दातागंज तहसील क्षेत्र के गांव कांसी में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस गांव की आबादी 1200 है, 720 मतदाता हैं, लेकिन योजना के तहत लाभ रहे किसानों की संख्या 2200 है।
योजना के तहत केंद्र सरकार छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देती है। पात्र किसानों को प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये दिए जाते हैं। इसका भुगतान तीन किस्तों में सीधे उनके खातों में किया जाता है। जिले में अब तक सैकड़ों अपात्र किसानों की सम्मान निधि बंद की जा चुकी है। इसके बाद भी जो मामला सामने आया है वह वाकई हैरत में डालने वाला है।
कांसी गांव में ज्यादातर परिवार छोटे और सीमांत किसानों के ही हैं। इस गांव के 2200 लोगों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। यह गांव की आबादी से एक हजार और मतदाताओं की संख्या से करीब 1500 ज्यादा है। गांव के प्रधान हरीओम मिश्रा का कहना है कि उनके गांव के करीब 250 किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। बाकी के नाम सूची में कैसे और कहां से शामिल हो गए इस बारे में उनको नहीं पता।
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उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दी है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि शायद डाटा फीडिंग के कारण दूसरे गांवों के किसानों के नाम कांसी गांव में चढ़ गए हैं। दूसरे गांवों के किसानों के नाम कांसी गांव की सूची में चढ़ गए हैं। यह डाटा फीडिंग में हुई चूक है। जांच करा कर सुधार कराया जाएगा। अगर कोई अपात्र किसान पाया जाता है तो सम्मान निधि बंद करने के साथ उससे रिकवरी कराई जाएगी। -राम किशोमणि, एसडीएम दातागंज।
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योजना के तहत केंद्र सरकार छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देती है। पात्र किसानों को प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये दिए जाते हैं। इसका भुगतान तीन किस्तों में सीधे उनके खातों में किया जाता है। जिले में अब तक सैकड़ों अपात्र किसानों की सम्मान निधि बंद की जा चुकी है। इसके बाद भी जो मामला सामने आया है वह वाकई हैरत में डालने वाला है।
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कांसी गांव में ज्यादातर परिवार छोटे और सीमांत किसानों के ही हैं। इस गांव के 2200 लोगों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। यह गांव की आबादी से एक हजार और मतदाताओं की संख्या से करीब 1500 ज्यादा है। गांव के प्रधान हरीओम मिश्रा का कहना है कि उनके गांव के करीब 250 किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। बाकी के नाम सूची में कैसे और कहां से शामिल हो गए इस बारे में उनको नहीं पता।
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उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दी है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि शायद डाटा फीडिंग के कारण दूसरे गांवों के किसानों के नाम कांसी गांव में चढ़ गए हैं। दूसरे गांवों के किसानों के नाम कांसी गांव की सूची में चढ़ गए हैं। यह डाटा फीडिंग में हुई चूक है। जांच करा कर सुधार कराया जाएगा। अगर कोई अपात्र किसान पाया जाता है तो सम्मान निधि बंद करने के साथ उससे रिकवरी कराई जाएगी। -राम किशोमणि, एसडीएम दातागंज।