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बसपा ने भी किया बदलाव, दिनेश गौतम बने जिलाध्यक्ष
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इंजीनियर दिनेश चंद्र गौतम। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। भाजपा के बाद बसपा ने भी बदायूं में बदलाव किया है। यहां पार्टी ने जिलाध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह को हटाकर इंजीनियर दिनेश चंद्र गौतम को जिलाध्यक्ष बनाया है। दिनेश मूल रूप से बिसौली क्षेत्र के निवासी हैं और उनकी पत्नी शशिबाला फिलहाल परौली सीट से जिला पंचायत सदस्य हैं।
हाल ही में भाजपा ने जिलाध्यक्ष अशोक भारती को हटाकर उन्हीं के संबंधी राजीव गुप्ता को जिलाध्यक्ष बनाया है। इसके दो दिन बाद ही बसपा हाईकमान ने बदायूं में दिनेश चंद्र गौतम को जिलाध्यक्ष बना दिया। खुद दिनेश चंद्र गौतम ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। जिलाध्यक्ष रहे लाखन सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें भी पार्टी व मीडिया सूत्रों से इसकी जानकारी मिली है, कोई लिखित पत्र उनके पास नहीं है।
पार्टी ने सोच समझकर निर्णय लिया होगा। हम नए जिलाध्यक्ष का पूरा सहयोग करेंगे।
इधर, दिनेश के मनोनयन को लेकर सोशल मीडिया व बसपा में ही काफी हलचल है। बताते हैं कि वह पहले पार्टी के जिला सचिव थे और आरोपित होने पर उन्हें हटा दिया गया था। इस सबसे अलग दिनेश का कहना है कि वह पक्के बसपाई हैं। संगठन नेतृत्व ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद की जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे। सभी को साथ लेकर चलेंगे और प्रयास रहेगा कि सभी छह विधानसभा सीटों पर बसपा प्रत्याशी ही चुनाव जीतें। संवाद
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हाल ही में भाजपा ने जिलाध्यक्ष अशोक भारती को हटाकर उन्हीं के संबंधी राजीव गुप्ता को जिलाध्यक्ष बनाया है। इसके दो दिन बाद ही बसपा हाईकमान ने बदायूं में दिनेश चंद्र गौतम को जिलाध्यक्ष बना दिया। खुद दिनेश चंद्र गौतम ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। जिलाध्यक्ष रहे लाखन सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें भी पार्टी व मीडिया सूत्रों से इसकी जानकारी मिली है, कोई लिखित पत्र उनके पास नहीं है।
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पार्टी ने सोच समझकर निर्णय लिया होगा। हम नए जिलाध्यक्ष का पूरा सहयोग करेंगे।
इधर, दिनेश के मनोनयन को लेकर सोशल मीडिया व बसपा में ही काफी हलचल है। बताते हैं कि वह पहले पार्टी के जिला सचिव थे और आरोपित होने पर उन्हें हटा दिया गया था। इस सबसे अलग दिनेश का कहना है कि वह पक्के बसपाई हैं। संगठन नेतृत्व ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद की जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरी शिद्दत से निभाएंगे। सभी को साथ लेकर चलेंगे और प्रयास रहेगा कि सभी छह विधानसभा सीटों पर बसपा प्रत्याशी ही चुनाव जीतें। संवाद
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