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Budaun News: पद्मांचल जैन मंदिर में हुआ कवि सम्मेलन, सम्मानित किए गए पर्यावरण प्रहरी
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बिल्सी। बिसौली रोड स्थित पद्मांचल जैन मंदिर पर बुधवार को जैन समाज मनाए गए पर्यूषण पर्व के समापन पर उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सेवा समिति के बैनर तले कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर रिपुदमन सिंह एवं जैन समाज के अध्यक्ष मृगांक कुमार जैन ने शुभारंभ किया।
डिप्टी कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने ईशा, राधा, ज्योति, संगीता, ईवादत, शगुन, कनिष्का, स्वेता, शिया, अनन्या, निधि माहेश्वरी, नेहा माहेश्वरी, प्रतिभा, दीक्षा, नीतू, वीरेश, अंकित, सुमित, रविपाल, सिनोद, अर्पित गौड, सुमित, पंकज आदि को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके बाद काव्य पाठ प्रारंभ हुआ। जिसमें 11 कवियों ने हिस्सा लिया। कवि विष्णु असावा, ओजस्वी जोहरी, अमित वर्मा अम्बर, आकाश पाठक, शलेन्द्र मिश्रा देव, अनुज त्रिवेणी, देव ठाकुर, डॉ. नीरज अग्निहोत्री, नीरेश जैन, मनोहर लाल, ललित वार्ष्णेय को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कवि विष्णु असावा ने सुनाया, करो जीव पर दया यही रास्ता दिखलाया है। सत्य अहिंसा पर हमको चलना सिखाया है। कवि आकाश पाठक ने सुनाया, जिसमें जितना हुनर भरा है उतना काम करेगा वो। अगर नहीं हो सकता कुछ भी तब बदनाम करेगा वो।कवि अमित वर्मा अम्बर ने सुनाया, भारत है भारती है पूजा में ये आरती है, वीणा वादिनी का कंठ हार हिन्दी भाषा है। ओजस्वी जौहरी ने सुनाया, जी रहा है आज देखो नफरतों में आदमी, बाज आता ही नहीं है हरकतों से आदमी। किस तरह बतलाएं तुमको आदमी की दास्तां हर जगह डूबा मिला है अजमतों में आदमी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने तालियां बजाई व जमकर आनंद की अनुभूति की।
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डिप्टी कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने ईशा, राधा, ज्योति, संगीता, ईवादत, शगुन, कनिष्का, स्वेता, शिया, अनन्या, निधि माहेश्वरी, नेहा माहेश्वरी, प्रतिभा, दीक्षा, नीतू, वीरेश, अंकित, सुमित, रविपाल, सिनोद, अर्पित गौड, सुमित, पंकज आदि को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके बाद काव्य पाठ प्रारंभ हुआ। जिसमें 11 कवियों ने हिस्सा लिया। कवि विष्णु असावा, ओजस्वी जोहरी, अमित वर्मा अम्बर, आकाश पाठक, शलेन्द्र मिश्रा देव, अनुज त्रिवेणी, देव ठाकुर, डॉ. नीरज अग्निहोत्री, नीरेश जैन, मनोहर लाल, ललित वार्ष्णेय को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कवि विष्णु असावा ने सुनाया, करो जीव पर दया यही रास्ता दिखलाया है। सत्य अहिंसा पर हमको चलना सिखाया है। कवि आकाश पाठक ने सुनाया, जिसमें जितना हुनर भरा है उतना काम करेगा वो। अगर नहीं हो सकता कुछ भी तब बदनाम करेगा वो।कवि अमित वर्मा अम्बर ने सुनाया, भारत है भारती है पूजा में ये आरती है, वीणा वादिनी का कंठ हार हिन्दी भाषा है। ओजस्वी जौहरी ने सुनाया, जी रहा है आज देखो नफरतों में आदमी, बाज आता ही नहीं है हरकतों से आदमी। किस तरह बतलाएं तुमको आदमी की दास्तां हर जगह डूबा मिला है अजमतों में आदमी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने तालियां बजाई व जमकर आनंद की अनुभूति की।
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