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Budaun News: सजा से पहले पॉक्सो एक्ट के आरोपी की जिला जेल में मौत
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राकेश का फाइल फोटो।
बदायूं। नाबालिग के साथ छेड़खानी करने के आरोपी की जिला जेल में रविवार करीब अपराह्न 12 बजे मौत हो गई। एक मई से उसका इलाज चल रहा था। मौत की सूचना परिजनों को दी गई है। मौत की सूचना पर परिवार में मातम पसरा है।
बिनावर थानाक्षेत्र के गांव पुठी सराय निवासी राकेश (43) के खिलाफ नाबालिग से छेड़खानी के आरोप में 2017 में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। जमानत मिलने के बाद वह घर पहुंच गया। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। आरोपी तारीख पर नहीं आ रहा था तो कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इस पर बिनावर पुलिस ने 24 मार्च को तारीख पर कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था, तब से वह जेल में बंद है। जेलर रणंजय सिंह ने बताया कि एक मई को उसकी तबीयत खराब हुई तो उसको जेल अस्पताल में ही भर्ती कराया गया। रविवार को उसकी हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। रोते बिलखते परिजन जिला अस्पताल पहुंचे।
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शनिवार को बुजुर्ग मां ने की थी जेल में मिलाई
राकेश के दो नाबालिग बेटे हैं। पत्नी की करीब नौ साल पहले मौत हो चुकी है। तीन भाइयों में राकेश बड़ा था। दो भाई बाहर रहकर मजदूरी कर रहे हैं। घर पर बुजुर्ग मां उसके बेटों का पालन पोषण कर रही है। शनिवार को वह जेल में अपने बेटे राकेश से मिलने आई तो उसने बताया कि उसकी तबीयत खराब है। मां और दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बिनावर थानाक्षेत्र के गांव पुठी सराय निवासी राकेश (43) के खिलाफ नाबालिग से छेड़खानी के आरोप में 2017 में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। जमानत मिलने के बाद वह घर पहुंच गया। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। आरोपी तारीख पर नहीं आ रहा था तो कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इस पर बिनावर पुलिस ने 24 मार्च को तारीख पर कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था, तब से वह जेल में बंद है। जेलर रणंजय सिंह ने बताया कि एक मई को उसकी तबीयत खराब हुई तो उसको जेल अस्पताल में ही भर्ती कराया गया। रविवार को उसकी हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। रोते बिलखते परिजन जिला अस्पताल पहुंचे।
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शनिवार को बुजुर्ग मां ने की थी जेल में मिलाई
राकेश के दो नाबालिग बेटे हैं। पत्नी की करीब नौ साल पहले मौत हो चुकी है। तीन भाइयों में राकेश बड़ा था। दो भाई बाहर रहकर मजदूरी कर रहे हैं। घर पर बुजुर्ग मां उसके बेटों का पालन पोषण कर रही है। शनिवार को वह जेल में अपने बेटे राकेश से मिलने आई तो उसने बताया कि उसकी तबीयत खराब है। मां और दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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