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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Planting trees claims to increase greenery, but in reality, there are only stumps and no plants at all.

Budaun News: लगाए पौधों से हरियाली बढ़ने का दावा, पर हकीकत में ठूंठ तो कहीं पौधे ही नहीं

Fri, 20 Feb 2026 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:58 PM IST
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Planting trees claims to increase greenery, but in reality, there are only stumps and no plants at all.
बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद
बदायूं। वन समेत 19 अन्य विभागों ने 53 लाख से अधिक पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का काम किया, पर हकीकत में 40 फीसदी से अधिक पौधे नष्ट हो चुके हैं। कुछ को जानवर चर चुके हैं तो कुछ गंगा की बाढ़ में बह गए। बावजूद इसके वन विभाग के अफसर अपने 93.35 फीसदी और अन्य 19 विभागों के 92.5 फीसदी पौधे जिंदा होने का दावा कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में दावा कमजोर नजर आ रहा है।
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जिले में बारिश के बाद वन विभाग व 19 अन्य विभागों ने कुल 53.76 लाख पौधे लगाए थे। इसमें सबसे ज्यादा 11.52 लाख पौधे वन विभाग ने तो शेष 42.24 लाख अन्य विभागों ने लगाए थे। अन्तरविभागीय सत्यापन के बाद सामने आया कि 60,045 पौधे सूख गए। हालांकि हकीकत में कहीं अधिक पौधे नष्ट हुए हैं।
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देखरेख के अभाव में कहीं पौधे सूख गए तो कहीं उन्हें मवेशी चर गए। सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए गए थे, बावजूद इसके पौधे जिंदा नहीं बचे। पड़ताल में सामने आया कि 40 फीसदी से अधिक पौधे नष्ट हाे चुके हैं। हालांकि विभाग इसको मानने को तैयार नहीं है।
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केस एक

सहसवान में आई बाढ़ में बह गए लगाए 80 फीसदी पौधे
सहसवान क्षेत्र में लगाए गए 80 फीसदी पौधे तो बाढ़ में ही बह गए। इसके बाद न तो यहां पौधे लगाए गए और न ही उनके बारे में किसी अधिकारी ने जानने की कोशिश की है। यही वजह है कि शेष अधिकांश पौधे भी नष्ट होते गए।

केस दो :

पौधरोपण स्थल पर इक्का-दुक्का ही बचे हैं पौधे
बिसौली क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश पौधे सूख चुके हैं। क्षेत्र में वर्ष 2024-25 में 500 से अधिक पौधे लगाए गए। इनकी सुरक्षा करने के साथ समय पर सिंचाई की जरूरत थी। मगर, देखरेख की कमी से करीब तीन सौ पौधे सूख गए। पौधरोपण स्थल पर नष्ट पौधों के ठूंठ लगे हैं।

केस तीन :

कादरचौक क्षेत्र में 30 एकड़ में लगे पौधे सूखे
कादरचौक क्षेत्र में 30 एकड़ में लगाए गए पौधे पूरी तरह से सूख चुके हैं। यहां वन विभाग ने सड़क पटरी पर 10 फुट ऊंचाई वाले 400 पौधे ट्री गार्ड में लगाए थे। ठीक से देखरेख की कमी से 50 से अधिक ट्री गार्ड क्षतिग्रस्त हो गए। पौधे भी नहीं बचे। एक-दो ही पौधे दिख रहे हैं, जबकि विभाग यहां 90 फीसदी पौधे जीवित हाेने का दावा कर रहा है।

केस चार :


उरैना व रानेट में लगाए गए पौधे हो चुके हैं नष्ट
बिसौली तहसील के रानेट चौराहे व उरैना मार्ग पर लगाए गए पौधे पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। यहां तो पौधे के नाम पर कुछ भी नहीं दिख रहा है। मार्ग के दोनों तरफ ब्रिक गार्ड में 40 पौधे लगाए गए थे। मौजूदा समय में ब्रिक गार्ड भी नहीं दिख रहे हैं।





अन्तरजनपदीय सत्यापन में नष्ट हुए पौधों की जानकारी हुई है। जहां पौधे सूख गए हैं या फिर नष्ट हो गए हैं वहां दूसरे पौधे लगाए जाएंंगे। संबंधित विभागों को पौधरोपण स्थल पर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। - जगन्नाथ, एसडीओ वन विभाग

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

बाढ़ के पानी में बह गए सभी पौधे। संवाद

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