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Budaun News: नालों के ऊपर से गुजर रहीं पाइप लाइनें, घरों में पहुंच रहा गंदा पानी
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ओवरब्रिज के पास स्थित नाले से होकर गुजरती पानी की लाइन।संवाद
बदायूं। इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों की घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया, लेकिन जिले में इससे कोई सबक लेते नजर नहीं आ रहा। शहर के कई घनी आबादी वाले इलाकों में जलापूर्ति की पाइप लाइनें खुले नालों, गंदगी से भरी गलियों के ऊपर या बीच से होकर गुजर रहीं हैं। ऐसे में लोगों के घरों तक पहुंचने वाला पानी कितना सुरक्षित है, इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
शहर में अभी भी कई जगहों पर पाइप लाइनें वर्षों पुरानी हैं और जगह-जगह जर्जर हो चुकी हैं। कुछ इलाकों में पाइप टूटे हुए दिखाई देते हैं और नालों का गंदा पानी सीधे उनके संपर्क में आता है। जलापूर्ति के समय प्रेशर बनने पर यह गंदा पानी पाइपलाइन में मिल सकता है और बिना किसी शुद्धिकरण के घरों तक पहुंच जाता है। इससे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
हालात यह हैं कि विकास भवन के पास स्थित गली में जा रही पानी की पाइप लाइन नालों में से होकर घरों में जा रही है। इसके अलावा शहर में स्थित ओवरब्रिज के पास भी यही स्थिति है। यहां पर पानी की टंकी का पाइप लाइन नाली से होकर निकल रहा है। कभी-कभी नाली में पानी इतना हो जाता है कि वह पाइप दिखाई तक नहीं देता है।
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बच्चों और गर्भवतियों को अधिक खतरा
डॉक्टर के अनुसार यदि दूषित पानी पी लिया जाए तो इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गाें और गर्भवती महिलाओं पर दिखाई देता है। डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इंदौर की घटना से यह साबित कर दिया है कि दूषित पानी से क्या हो सकता है।
ये करें उपाय
-पानी को उबाल कर पीयें।
- वाटर फिल्टर से पानी पीयें।
-पानी को छान कर रखें और पीयें।
शहर में बार-बार लीकेज हो रही पाइप लाइन
शहर में करीब 1982-83 में पानी की लाइन डाली गई थी। यह करीब 42 साल पुरानी हो चुकी है, जो अब कमजोर होने लगी है। इसके लीकेज होने की वह भी यही है। इस वजह से कई बार गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। शहर में एक दिन में औसतन एक से दो शिकायतें लीकेज की आती रहती हैं। नगर पालिका का दावा है जैसे ही लीकेज की समस्या के बारे में पता चलता है उसे जल्द से जल्द सही करा दिया जाता है।
शहर में खराब पड़े हैंडपंप
नगर पालिका की ओर से शहर में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप लगाए गए थे, जो अनदेखी के चलते धीरे-धीरे खराब होते जा रहे हैं। हनुमान मंदिर के पास में स्थित सरकारी हैंडपंप का ऊपर का पूरा सेट तक गायब हो चुका हैै। अब केवल वहां पर हैंडपंप के नाम पर केवल बोरिंग ही दिखाई दे रहा है। वहीं आवास विकास के सामने पुरानी एचएस कोल्ड स्टोर के पास में स्थित हैंडपंप का हत्था तक गायब हो गया है।
नगर पालिका की मुख्य पाइप लाइन एक दम सुरक्षित है। सर्दियों में पानी खपत कम हो जाती है, जिससे कभी कभार लीकेज की समस्या आ जाती है। शिकायत पर उसको तुरंत दुरुस्त कराया जाता है। -सचिन सक्सेना, जलकल अभियंता, नगर पालिका परिषद
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शहर में अभी भी कई जगहों पर पाइप लाइनें वर्षों पुरानी हैं और जगह-जगह जर्जर हो चुकी हैं। कुछ इलाकों में पाइप टूटे हुए दिखाई देते हैं और नालों का गंदा पानी सीधे उनके संपर्क में आता है। जलापूर्ति के समय प्रेशर बनने पर यह गंदा पानी पाइपलाइन में मिल सकता है और बिना किसी शुद्धिकरण के घरों तक पहुंच जाता है। इससे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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हालात यह हैं कि विकास भवन के पास स्थित गली में जा रही पानी की पाइप लाइन नालों में से होकर घरों में जा रही है। इसके अलावा शहर में स्थित ओवरब्रिज के पास भी यही स्थिति है। यहां पर पानी की टंकी का पाइप लाइन नाली से होकर निकल रहा है। कभी-कभी नाली में पानी इतना हो जाता है कि वह पाइप दिखाई तक नहीं देता है।
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बच्चों और गर्भवतियों को अधिक खतरा
डॉक्टर के अनुसार यदि दूषित पानी पी लिया जाए तो इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गाें और गर्भवती महिलाओं पर दिखाई देता है। डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इंदौर की घटना से यह साबित कर दिया है कि दूषित पानी से क्या हो सकता है।
ये करें उपाय
-पानी को उबाल कर पीयें।
- वाटर फिल्टर से पानी पीयें।
-पानी को छान कर रखें और पीयें।
शहर में बार-बार लीकेज हो रही पाइप लाइन
शहर में करीब 1982-83 में पानी की लाइन डाली गई थी। यह करीब 42 साल पुरानी हो चुकी है, जो अब कमजोर होने लगी है। इसके लीकेज होने की वह भी यही है। इस वजह से कई बार गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। शहर में एक दिन में औसतन एक से दो शिकायतें लीकेज की आती रहती हैं। नगर पालिका का दावा है जैसे ही लीकेज की समस्या के बारे में पता चलता है उसे जल्द से जल्द सही करा दिया जाता है।
शहर में खराब पड़े हैंडपंप
नगर पालिका की ओर से शहर में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप लगाए गए थे, जो अनदेखी के चलते धीरे-धीरे खराब होते जा रहे हैं। हनुमान मंदिर के पास में स्थित सरकारी हैंडपंप का ऊपर का पूरा सेट तक गायब हो चुका हैै। अब केवल वहां पर हैंडपंप के नाम पर केवल बोरिंग ही दिखाई दे रहा है। वहीं आवास विकास के सामने पुरानी एचएस कोल्ड स्टोर के पास में स्थित हैंडपंप का हत्था तक गायब हो गया है।
नगर पालिका की मुख्य पाइप लाइन एक दम सुरक्षित है। सर्दियों में पानी खपत कम हो जाती है, जिससे कभी कभार लीकेज की समस्या आ जाती है। शिकायत पर उसको तुरंत दुरुस्त कराया जाता है। -सचिन सक्सेना, जलकल अभियंता, नगर पालिका परिषद

ओवरब्रिज के पास स्थित नाले से होकर गुजरती पानी की लाइन।संवाद

ओवरब्रिज के पास स्थित नाले से होकर गुजरती पानी की लाइन।संवाद