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शराब की दुकानें हटवाने के लिए सड़क पर उतरे लोग
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Mon, 05 Feb 2018 08:42 PM IST
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चार दिन पहले पनवड़िया मोहल्ले में शराबियों के बीच हुए उपद्रव के बाद से आसपास के लोगों में शराब की दुकानों को लेकर बेहद नाराजगी है। आए दिन शराब की दुकान के आसपास लोगों में झगड़ा होता रहता है, सो यहां के अमनपसंद लोग शराब की दुकानें हटवाने को लामबंद हो गए हैं। कई लोगों ने सोमवार को डीएम को पत्र देकर घनी आबादी के बीच से शराब की दुकानें हटवाने की मांग की।
शुक्रवार देर शाम को शहर कोतवाली के अंतर्गत मोहल्ला पनवड़िया में शराब की दुकान और उससे सटी मॉडल शॉप में लोगों के बीच मारपीट के बाद बवाल हो गया था। इसके बाद दो पक्षों के आमने-सामने आने पर जमकर पथराव हुआ और फायरिंग की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मामले को शांत कराया था। इस घटना के बाद से लोगों में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना था कि आए दिन होने वाले झगड़ों की मुख्य वजह शराब की दुकान है। घटना के दिन एसपी सिटी ने शराब कंपनी के प्रबंधक को फटकार लगाते हुए कह दिया था कि दुकानें नहीं खुलनी चाहिए। मगर तीसरे दिन दुकानें फिर से खुल गई और शराबियों का जमघट पहले की तरह लगने लगा।
शराब की दुकानों के खुलने से नाराज सोमवार को पनवड़िया मोहल्ले के लोग डीएम से मिले। पत्र देकर उन्होंने जनहित में दुकानों को बंद कराने की मांग की। कहा कि कोतवाली क्षेत्र में अधिकृत शराब की दो दुकानें सौ फुट की दूरी पर सुभाष चौक और पनवड़िया बिजली घर चौक पर स्थित हैं, जो सरकार के आदेशों के विपरीत है। इन दुकानों की 100 मीटर की परिधि में स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थल भी हैं। इन दुकानों पर पूरे दिन शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहा है। जिसकी वजह से हर समय क्षेत्र में असुरक्षा और अराजकता व्याप्त रहती है। इस स्थिति के चलते यहां से छात्राओं और महिलाओं का निकलना दुश्वार हो जाता है। नशे में धुत लोग सड़क पर लोगों से अशिष्ट भाषा का प्रयोग करते हैं। इसलिए दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाए। शिकायत करने वालों में राजेश बाबू, राजू, मोहित, विक्की, पप्पू, खालिद हुसैन, वीरपाल, दिनेश, अफसर आदि प्रमुख हैं।
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दुकानें नहीं हटीं तो होगा बड़ा आंदोलन
शिकायत करने पहुंचे लोगों ने यह भी कहा यदि प्रशासन ने शराब की इन दुकानों को जल्दी बंद नहीं कराया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र लिखा जाएगा।
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शुक्रवार देर शाम को शहर कोतवाली के अंतर्गत मोहल्ला पनवड़िया में शराब की दुकान और उससे सटी मॉडल शॉप में लोगों के बीच मारपीट के बाद बवाल हो गया था। इसके बाद दो पक्षों के आमने-सामने आने पर जमकर पथराव हुआ और फायरिंग की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मामले को शांत कराया था। इस घटना के बाद से लोगों में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना था कि आए दिन होने वाले झगड़ों की मुख्य वजह शराब की दुकान है। घटना के दिन एसपी सिटी ने शराब कंपनी के प्रबंधक को फटकार लगाते हुए कह दिया था कि दुकानें नहीं खुलनी चाहिए। मगर तीसरे दिन दुकानें फिर से खुल गई और शराबियों का जमघट पहले की तरह लगने लगा।
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शराब की दुकानों के खुलने से नाराज सोमवार को पनवड़िया मोहल्ले के लोग डीएम से मिले। पत्र देकर उन्होंने जनहित में दुकानों को बंद कराने की मांग की। कहा कि कोतवाली क्षेत्र में अधिकृत शराब की दो दुकानें सौ फुट की दूरी पर सुभाष चौक और पनवड़िया बिजली घर चौक पर स्थित हैं, जो सरकार के आदेशों के विपरीत है। इन दुकानों की 100 मीटर की परिधि में स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थल भी हैं। इन दुकानों पर पूरे दिन शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहा है। जिसकी वजह से हर समय क्षेत्र में असुरक्षा और अराजकता व्याप्त रहती है। इस स्थिति के चलते यहां से छात्राओं और महिलाओं का निकलना दुश्वार हो जाता है। नशे में धुत लोग सड़क पर लोगों से अशिष्ट भाषा का प्रयोग करते हैं। इसलिए दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाए। शिकायत करने वालों में राजेश बाबू, राजू, मोहित, विक्की, पप्पू, खालिद हुसैन, वीरपाल, दिनेश, अफसर आदि प्रमुख हैं।
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दुकानें नहीं हटीं तो होगा बड़ा आंदोलन
शिकायत करने पहुंचे लोगों ने यह भी कहा यदि प्रशासन ने शराब की इन दुकानों को जल्दी बंद नहीं कराया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र लिखा जाएगा।