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Budaun News: शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, सौंपा ज्ञापन
Fri, 12 Sep 2025 01:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 12 Sep 2025 01:47 AM IST
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एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देते शिक्षक-शिक्षिकाएं। स्रोत संगठन
बदायूं। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से एक सितंबर 2025 को दिए गए आदेश के विरोध में उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने बृहस्पतिवार को एडीएम प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा ने कहा कि न्यायालय ने पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। जबकि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक उस समय की सभी अर्हताएं पूरी कर चुके थे। 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले टीईटी जरूरी नहीं था। ऐसे में पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे लागू करना अनुचित है।
शिक्षक संघ ने मांग की कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर 10 अगस्त 2017 के संशोधित अधिनियम में बदलाव करे और 23 अगस्त 2010 की एनसीटी अधिसूचना से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। इस मौके पर महामंत्री फरहत हुसैन ने शिक्षकों से धैर्य रखने और संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। इस मौके पर पीयूष कुमार, यतेंद्र कुमार सिंह, अकबर अली खान, राजन यादव, मोहम्मद जुबेर आदि मौजूद रहे। संवाद
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
बदायूं। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने जिलाध्यक्ष किरन सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षामंत्री के नाम डीएम अवनीश राय को ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय 30 से 35 वर्ष पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी टेट करना अनिवार्य किया है। इस प्रकार के निर्णय से शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित है। इसमें बदलाव की मांग की है। इस मौके पर वीरबाला, वीना, राखी, अंजुम, सुमन, सरोजनी आदि मौजूद रही। संवाद
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जिलाध्यक्ष प्रेमानंद शर्मा ने कहा कि न्यायालय ने पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। जबकि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षक उस समय की सभी अर्हताएं पूरी कर चुके थे। 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले टीईटी जरूरी नहीं था। ऐसे में पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे लागू करना अनुचित है।
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शिक्षक संघ ने मांग की कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर 10 अगस्त 2017 के संशोधित अधिनियम में बदलाव करे और 23 अगस्त 2010 की एनसीटी अधिसूचना से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। इस मौके पर महामंत्री फरहत हुसैन ने शिक्षकों से धैर्य रखने और संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। इस मौके पर पीयूष कुमार, यतेंद्र कुमार सिंह, अकबर अली खान, राजन यादव, मोहम्मद जुबेर आदि मौजूद रहे। संवाद
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
बदायूं। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने जिलाध्यक्ष किरन सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षामंत्री के नाम डीएम अवनीश राय को ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय 30 से 35 वर्ष पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी टेट करना अनिवार्य किया है। इस प्रकार के निर्णय से शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित है। इसमें बदलाव की मांग की है। इस मौके पर वीरबाला, वीना, राखी, अंजुम, सुमन, सरोजनी आदि मौजूद रही। संवाद