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Budaun News: बाढ़ ने गिराया मकान, छोड़ी गंदगी, संक्रामक रोगों की दस्तक

Fri, 12 Sep 2025 01:53 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Fri, 12 Sep 2025 01:53 AM IST
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People face the problems.
सहसवान में कटान की जद में खागी नगला, एक मकान गिरा। संवाद - फोटो : आर्काइव
बदायूं। बाढ़ का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है। बाढ़ ग्रस्त गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होने के कारण संक्रामक बीमारियां फैलना शुरू हो गई हैं। बाढ़ क्षेत्र के गांवों में झोला छाप सक्रिय हो गए हैं। दवाओं को थैला लेकर बाइक, साइकिल अथवा पैदल ही इन गांवों में इलाज करने जाने लगे हैं। हालांकि सहसवान में प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को पानी के टैंकर खड़े करवा दिए हैं। दातागंज क्षेत्र में ऐसा नहीं है।
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मकान गिरने का सिलसिला जारी, एक गिरा, दूसरा गिराऊ
सहसवान। गंगा का जलस्तर घटने के बाद से खागी नगला गांव में हुआ कटान मंगलवार को ही थम गया। बुधवार को फिर कटान शुरु हो गया। हालांकि इसकी गति कम रही। बावजूद इसके चतुरी का मकान कट कर गंगा में समा गया, जबकि सूरजपाल का मकान कट रहा है। पानी डूबे रहने के कारण कई मकानों की नींवें सरक गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी घटने-बढ़ने के बीच कटान होता है। दूसरी तरफ भमरौलिया, वीर सहाय नगला, गिरधारी नगला, तौफी नगला में भरा बाढ़ का पानी कम हो रहा है। खागी नगला के अलावा अन्य सभी गांव के लोग अपने घरों को वापस लौट गए हैं। ग्रामीणों ने रास्तों की मरम्मत कराए जाने की मांग की है ताकि आवागमन में दिक्कत न हो। बाढ़ में हैंड-पंपों का पानी दूषित हो जाने के कारण पेयजल के लिए बांध पर प्रशासन की ओर से पानी के टैंकर खडे़ करा दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित कर रही हैं। उसहैत क्षेत्र में भी बीमारियों के फैलने का खतरा है। यहां 18 गांवों में पेयजल की प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है।
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बाइक व साइकिल से बाढ़ पीड़ितों के गांव पहुंच रहे झोलाछाप
दातागंज। रामगंगा में बाढ़ का पानी उतर रहा है। कुछ स्थानों में कटान हो रहा है। गति धीमी है। बाढ़ जाने के बाद छोड़ी गई जमीन पर पौधों के सड़ने की गंदगी, कीचड़ में पनप रहे मच्छरों के कारण बीमार लोग परेशान हैं। गांव कटखोरा में दो लोग बुखार में हैं। झोलाछाप गांवों में चक्कर लगा रहे हैं। साइकिल, बाइक अथवा पैदल ही थैलों में दवाइयां लेकर बाढ़ क्षेत्र के गांवों में पहुंच रहे हैं और बाढ़ पीड़ितों काे इलाज के नाम पर लूट रहे हैं। शेरपुर, हर्रायपुर, नवादा, सिमरिया तेंदू, मौसम पुर, जरतौली आदि गांवों में शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं है। यहां बाढ़ के कारण हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो गया है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। स्वास्थ्य सेवाओं की औपचारिकता ही निभाई जा रही है। पशुओं का चारा भी दूषित हो गया है। पशुओं को गंदगी में मुंहपका और खुरपका जैसी बीमारियों का खतरा है।

सहसवान में कटान की जद में खागी नगला, एक मकान गिरा। संवाद

सहसवान में कटान की जद में खागी नगला, एक मकान गिरा। संवाद- फोटो : आर्काइव

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